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देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों के जो बढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ है वह रुकने का नाम नही ले रहा है। पेट्रोल ने शुक्रवार को 87 रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। जबकि डीजल भी 76 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है। इसी बीच RTI में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जिसके तहत पता चला है कि भारत दूसरे देशों को बहुत सस्ते में पेट्रोल-डीज़ल बेच रहा है।

आरटीआई कार्यकर्ता रोहित सभरवाल ने बताया कि भारत मॉरीशस को 36.30/लीटर पेट्रोल और 37.06/ लीटर पर डीजल देता है। वहीं, यूएई को पेट्रोल 33.84/लीटर पर एक्सपोर्ट कर रहा है। इसके अलाव भारत से हांगकांग को 38.26/लीटर, मलेशिया को 36.08/लीटर और सिंगापुर को 38.31/लीटर एक्सपोर्ट मिल रहा है।

RTI कार्यकर्ता रोहात सभरवाल ने एनडीटीवी से कहा, विदेश में पेट्रोल सस्ते रेट पर एक्सपोर्ट किया जा रहा है, जबकि भारत में ज्यादा टैक्स की वजह से महंगे रेटों पर बेचा जा रहा है। ये मुनाफाखोरी है। बता दें कि पिछले चार सालों में मोदी सरकार पेट्रोल में अधिकतम 10.71 रुपये जबकि डीजल में अधिकतम 11.49 रुपये का इजाफा कर चुकी है।

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मई 2014 में पेट्रोल का उत्पाद शुल्क महज 9.2 रुपए प्रति लीटर था जबकि अब यह 19.48 रुपए प्रति लीटर है। साथ ही मई 2014 में डीजल का उत्पाद शुल्क 3.46 रुपए प्रति लीटर था लेकिन अब यह 15.33 रुपए प्रति लीटर है। बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से केंद्रीय उत्पाद शुल्क 12 गुना बढ़ गया है।

एक्साइज़ ड्यूटी और वैट घटाने की मांग को वित्तमंत्री अरुण जेटली नकार चुके है। उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बदलाव दर्ज की गई है। कभी कीमतें ऊंची गईं हैं तो कभी नीचे। ऐसी परिस्थितियों में घबराहट या जल्दबाजी में किसी तरह से फैसले लेने की जरूरत नहीं है।

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