अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के डॉ. बीआर आंबेडकर हॉल में आयोजित वार्षिकोत्सव में छात्रों से संवाद के दौरान वरिष्ट कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद द्वारा दिए गए बयान पर कांग्रेस पूरी तरह से घिर चुकी है.

इस मामले में अब बाबरी मस्जिद के मुद्दई बुधवार को इकबाल अंसारी ने कहा कि बाबरी मस्जिद की शहादत में बीजेपी से ज्यादा कांग्रेस गुनहगार है. कांग्रेस के जमाने में ही विवादित परिसर में मूर्ति रखी गई, ताला खुला, शिलान्यास हुआ और मस्जिद भी तोड़ी गई इसलिए मुसलमान कांग्रेस से दूरी बना रहा है.

इकबाल अंसारी ने कहा कि आजादी के बाद से ही मुसलमान हमेशा दंगा फसाद झेलता रहा. कांग्रेस की हुकूमत में तमाम दंगे हुए हैं. अगर सलमान खुर्शीद ने ये बात कही है तो बिलकुल ठीक कहा है. उन्होंने कहा कि रहा सवाल बाबरी मस्जिद का तो मूर्ति रखी गई तो कांग्रेस की हुकूमत थी. शिलान्यास किया गया तो कांग्रेस की सरकार थी. ताला खुला तो कांग्रेस की हुकूमत थी. बाबरी मस्जिद तोड़ी गई तो कांग्रेस की हुकूमत थी.

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इकबाल अंसारी ने कहा कि हम लोग कांग्रेस की तरफ भागने वाले मुसलमान नहीं हैं. उससे दूरियां बना रहे हैं. चुनाव में मुसलमान सपा में जाएगा, बसपा में जाएगा, समझ में आएगा तो बीजेपी में भी जाएगा. क्योंकि जितनी गुनहगार कांग्रेस है, उतनी गुनहगार बीजेपी नहीं है. हम तो बीजेपी की तारीफ भी करते हैं. जो आदमी अच्छा काम करेगा, उसकी तारीफ भी की जाएगी.

बता दें कि आमिर मिंटोई नाम के छात्र ने सलमान खुर्शीद से सीधा सवाल किया था कि “1948 में एएमयू एक्ट में पहला संशोधन हुआ था, उसके बाद 1950 में राष्ट्रपति का आदेश, जिससे मुस्लिमों से आरक्षण का छीना गया और फिर हाशिमपुरा, मलियाना और मुज्जफरपुर जैसे दंगों की लिस्ट है. इसके अलावा बाबरी मस्जिद की शहादत ये सब कांग्रेस के राज में हुआ. मुसलमानों की मौत के धब्बे कांग्रेस के दामन पर हैं इन्हें आप कैसे धोएंगे?”

इस पर खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस के दामन पर मुस्लिमों के खून के धब्बे हैं. खुर्शीद ने ये ही कहा कि चूंकि मैं कांग्रेस का नेता हूं इसलिए मुस्लिमों के खून के दाग मेरे दामन में भी हैं, लेकिन ये आप पर ना लगें इसलिए आप इन घटनाओं से सीखें.