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नई दिल्ली। फ़िलीस्तीन पर पिछले 10 दिनों से इज़रायली जुर्म और बर्बरियत की पूरे विश्व में आलोचना हो रही है। दुनियाभर के लोग इज़रायल के इस इस कायराना हमले को नव आतंकवाद कह रहे हैं। दुनिया के तमाम संगठन और मानवाधिकार से जुड़े लोग लोग इज़रायल के इस हमले के खिलाफ प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

ऑल इंडिया तंज़ीम उलेमा ए इस्लाम ने इज़रायली हमले का विरोध किया है, साथ फ़िलीस्तीन पर लगातार हो रहे जुर्म को दुनिया का सबसे बड़ा मानव संहार करार दिया है। तंज़ीम के राष्ट्रीय प्रवक्ता इंजीनियर शुजाअत अली क़ादरी ने कहा कि इज़रायल निहत्थे फ़िलीस्तीनियों पर जुर्म कर रहा है। क़ादरी ने कहा कि फिलीस्तीनी आवाम अपने मुल्क की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रही है, लेकिन इज़रायली सैनिक निहत्थे और बेकसूर फ़िलीस्तीनियों पर गोली चलवाकर मानवाधिकार कानून की धज्जियां उड़ा रहा है। क़ादरी ने कहा कि दुनिया के सभी इंसाफ़ परस्त और अमन पसंद देशों को इज़रायली जुर्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए।

तंज़ीम के राष्ट्रीय प्रवक्ता क़ादरी ने फ़िलीस्तीन की आज़ादी की मांग का समर्थन करते हुए उसे फ़िलीस्तीन देश घोषित करने की मांग की।

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वहीं शुजाअत अली क़ादरी ने अफ़ग़ानिस्तान के क़ुन्दूस इलाक़े में अमेरिकी हवाई हमले की निंदा की है। हमले में 100 से ज़्यादा शहीद हाफ़िज़ों पर शुजाअत क़ादरी ने कहा कि पूरी दुनिया को एक सुर में अमेरिका के इस जुर्म की निंदा करनी चाहिए। छात्रों पर किया गया हमला कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। क़ादरी ने कहा कि छात्रों पर किए शर्मनाक और कायराना हमले के लिए अमेरिका पर जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।

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