Saturday, November 27, 2021

30 साल पुराने मामले में सिद्धू को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने किया बरी, लगाया जुर्माना

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साल 1988 के रोडरेज मामले पर आज(15 मई) सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को बड़ी राहत दी है.

एएनआई के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को धारा 323 के तहत दोषी मनाया है और धारा 304 (II) के तहत बरी कर दिया है. जिसके बाद उन पर सिर्फ जुर्माना लगाया है. इसके अलावा उनके साथ को सभी आरोपों से बरी कर दिया है

इस मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिद्धू को तीन साल की कैद की सजा सुनाई थी. हाईकोर्ट द्वारा सजा का ऐलान किए जाने के बाद सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. साल 2006 में हाईकोर्ट ने सिद्धू और एक अन्य आरोपी रुपिंदर सिंह संधू को 3 साल की सजा सुनाई हो, लेकिन 1999 में ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों को बरी कर दिया था.

पंजाब सरकार की ओर से उपस्थित वकील सनराम सिंह सरों ने न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ के समक्ष कहा कि साक्ष्य के अनुसार सिद्धू द्वारा मुक्का मारने से पटियाला निवासी गुरनाम सिंह की मौत हो गई थी. सरकार ने कहा कि निचली अदालत का यह निष्कर्ष गलत था कि सिंह की मौत ब्रेन हैमरेज से नहीं, बल्कि हृदय गति रुकने से हुई थी. इसने कहा कि इस बारे में एक भी सबूत नहीं है जिससे यह पता चले कि मौत की वजह दिल का दौरा था, न कि ब्रेन हैमरेज.

पंजाब सरकार के वकील ने कहा, ‘निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय ने सही निरस्त किया था. आरोपी ए 1 (नवजोत सिंह सिद्धू) ने गुरनाम सिंह को मुक्का मारा था जिससे ब्रेन हैमरेज हुआ और उसकी मौत हो गई.’

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