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कोटक महिंद्रा बैंक ने शुक्रवार को अपने एक कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया है. जिसकी वजह उसका कठुआ रेप केस मामले में की गई असंवेदनशील टिप्पणी को माना जा रहा है.

कोच्चि स्थित कोटेक बैंक में असिस्टेंट मैनेजर पद पर तैनात विष्णु नंदकुमार ने असीफा को लेकर फेसबुक पर पोस्ट किया था कि ‘यह अच्छा है कि वह (रेप पीड़िता) मर गई. अगर ऐसा न होता तो बाद में वह भारत के खिलाफ एक बम बनकर लौटती.’ बता दें कि विष्णु के पिता ईएन नंदकुमार एक आरएसएस नेता है.

इस मामले में विष्णु के पिता ईएन नंदकुमार ने सफाई पेश करते हुए कहा कि विष्णु ने अपनी गलती मान ली है और अपने फेसबुक पेज पर माफी भी मांगी है. वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक ने शुक्रवार को अपने फेसबुक पेज पर विष्णु को नोकरी से निकाले जाने की बात बताई.

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बैंक ने लिखा, ‘हमने विष्णु नंदकुमार को खराब परफॉर्मेंस की वजह से बैंक की सेवाओं से 11 अप्रैल बुधवार को बर्खास्त कर दिया है. यह देखना बेहद दुखद है कि इस तरह की त्रासदीपूर्ण घटना के बाद कोई ऐसी टिप्पणियां करे, भले ही वह एक पूर्व कर्मचारी हो। हम इस बयान की कड़ी निंदा करते हैं.’

विष्णु की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क उठा था. लोग बैंक के टि्वटर हैंडल को टैग करके #Dismiss_your_manager हैशटैग ट्रेंड कराने लगे थे. इसके अलावा, इस शख्स पर एक्शन की मांग को लेकर कोच्चि स्थित ब्रांच के सामने पोस्टर भी लगे थे.

बता दें कि कठुआ में 8 साल की असीफा को अगवा करके हफ्ते भर एक मंदिर में रखा गया. हत्या करने से पहले वहां कई लोगों ने इस बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया और फिर उसकी पत्थरों से कुचल कर हत्या कर दी.

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