ravinder reddy says membership of the rss does not make anyone communal 730x365

मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में फैसला सुनाने वाले स्पेशल एनआईए कोर्ट के जज के.रविंदर रेड्डी ने अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सदस्यता किसी को सांप्रदायिक नहीं बनाती.

जज ने 140 पेज के फैसले में लिखा, ‘आरएसएस कोई गैरकानूनी रूप से काम करनेवाला संगठन नहीं है. अगर कोई व्यक्ति इसके लिए काम करता है तो इसके कारण उसके सांप्रदायिक या असामाजिक होने की गुंजाइश नहीं होती है.’

बता दें कि 16 अप्रैल सोमवार को कोर्ट ने 11 साल पुराने मामले में सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए आरएसएस कार्यकर्ता असीमानंद सहित पांच आरोपियों को बरी कर दिया था.

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अपना फैसला देने के बाद फोर्थ अडिशनल मेट्रोपॉलिटन सेशंस जज ऐंड स्पेशल जज (एनआईए मामले) रविंदर रेड्डी ने अपना इस्तीफा भी दे दिया था. हालांकि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना हाई कोर्ट ने जज रेड्डी का इस्तीफा नामंजूर कर दिया.

रेड्डी ने अपने इस्तीफे के लिए निजी कारणों का हवाला दिया था और कहा था कि इसका मक्का ब्लास्ट के फैसले से कोई लेना-देना नहीं है. जिसके बाद लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाए थे.

18 मई 2007 को जुमे की नमाज के दौरान हैदराबाद की प्रसिद्ध मक्का मस्जिद में एक बम ब्लास्ट हुआ था, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी. इस हमले में 58 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. बताया जाता है कि इस घटना के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हवाई फायरिंग भी की थी, जिसमें 5 और लोग मारे गए थे.

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