देश की विभिन्न चीजों को आधार से जोड़ने वाली मोदी सरकार अब वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने के विरोध में खुद आ गई है.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से आधार कार्ड को वोटर आईडी कार्ड से जोड़ने के पक्षधर नहीं हैं.  उन्होंने कहा कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है, इसलिए इनको जोड़ने की बात करना सही नहीं है.

उन्होंने कहा कि सरकार लोगों पर जासूसी के आरोपों का सामना करने के लिए तैयार नहीं है, “अगर हम ऐसा करते हैं, तो हमारे विरोधी कहते हैं कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हम पर नजर रख रहे हैं कि हम क्या खा रहे हैं, हम कौन सी फिल्म देख रहे हैं’ और बहुत कुछ. मैं ऐसा नहीं करना चाहता हूं.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वोटर कार्ड चुनाव आयोग के वेब पोर्टल से लिंक है, ऐसे में आपको पोलिंग बूथ और चुनाव से जुड़ी हुई जानकारियां मिलती हैं. आधार का इससे कोई मतलब नहीं है.

हालांकि उन्होंने बैंक खातों को आधार से लिंक किए जाने का बचाव भी किया.  प्रसाद ने कहा कि आधार को बैंक खातों से लिंक करने से पारदर्शिता आएगी. साथ ही कल्याणकारी योजनाओं के लाभ को डीबीटी के जरिए ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में भी साहयता मिलेगी.

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