rajguru

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को देश की आजादी के लिए जान देने वाले शहीद राजगुरु को संघ का स्वयंसेवक बताना महंगा पड़ गया है. सोशल मीडिया पर इस मामले में आरएसएस की जमकर खिंचाई हो रही है.

दरअसल, संघ प्रचारक नरेंद्र सहगल ने अपनी किताब में ये दावा किया है. उन्होंने दावा किया कि राजगुरु संघ की मोहिते बाड़े शाखा के स्वयंसेवक थे. उन्होंने किताब में लिखा, नागपुर के हाईस्कूल ‘भोंसले वेदशाला’ के छात्र रहते हुए राजगुरु का संघ संस्थापक हेडगेवार से घनिष्ठ परिचय था.

इतना ही नहीं किताब में यह भी दावा किया गया है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस संघ से काफी प्रभावित थे. सहगल का कहना है कि इस किताब की मदद से यह साफ करने की कोशिश की गई है कि देश की आजादी की लड़ाई में भी आरएसएस का योगदान रहा है.

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हालाँकि इस बयान के सामने आने के बाद से ही आरएसएस को जमकर ट्रोल किया जा रहा है. वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष मिश्रा ने RSS पर तंज कसते हुए लिखा है, “अगर राजगुरु स्वयं सेवक थे तो भगत सिंह और सुखदेव पक्का पन्ना प्रमुख होंगे!”

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