Sunday, August 1, 2021

 

 

 

CAA के बाद मोदी सरकार ने दी NPR को मंजूरी, देनी होगी ये सभी जानकारी

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नेशनल डेस्क. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर देश में मचे बवाल के बीच अब केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत देश भर के नागरिकों का डेटाबेस तैयार किया जाएगा। हालांकि यह नागरिकता का प्रमाण नहीं होगा।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मंत्रिमंडल के फ़ैसले की जानकारी देते हुए कहा कि एनपीआर हर दस साल पर अपडेट होता है। उन्होंने कहा, “पहली बार इसे साल 2010 में यूपीए की मनमोहन सिंह सरकार ने अपडेट किया था, अब इसे दस साल बाद हम अपडेट कर रहे हैं। यानी साल 2020 में। हम कुछ भी नया नहीं कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि एनपीआर के लिए किसी तरह के कागजात या सबूत नहीं ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “कोई दस्तावेज नहीं मांग रहे हैं। बायोमैट्रिक भी नहीं मांगा जा रहा है. स्वसत्यापन माना जाएगा। हमें अपनी जनता पर पूरा यकीन है। जो जनता कहे वही सही है।” उन्होंने कहा कि एनपीआर में जनगणना का काम ऐप के ज़रिये किया जाएगा। अगले साल अप्रैल से इस पर काम होगा।

उन्होंने कहा कि एनपीआर से सरकारी योजनाओं के सही लाभार्थियों की पहचान हो पाएगी और यह भी पता चल पाएगा कि योजना का लाभ उन तक पहुंच रहा है या नहीं? जावड़ेकर ने कहा, ‘आयुष्मान, उज्ज्वला, सौभाग्य जैसी योजनाओं के लिए लाभार्थियों की पहचान होगी। सभी और सही लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचे, यह सुनिश्चित हो सकेगा।’

उन्होंने बताया कि बंगाल, तमिलनाडु, ओडिशा, मणिपुर में पीडीएस (सर्वम) के लिए एनपीआर में दर्ज जानकारी उपयोग में लाई गई। वहीं, राजस्थान में भामाशाह योजना के लिए भी इसका इस्तेमाल हुआ। जावड़ेकर ने कहा कि इसके कई अन्य फायदे भी हैं। बहरहाल, कैबिनेट ने इस पूरी कवायद के लिए 8,700 करोड़ रुपये के बजट आवंटन पर भी मुहर लगा दी है।

एनपीआर के लिए प्रत्येक निवासी का निम्नलिखित जनसांख्यिकीय विवरण लिया जाएगा, जिसे देना आवश्यक है:

  • व्यक्ति का नाम
  • घर के मुखिया से रिश्ता
  • पिता का नाम
  • माता का नाम
  • जीवनसाथी का नाम (शादीशुदा होने पर)
  • लिंग
  • जन्मतिथि
  • वैवाहिक स्थिति
  • जन्मस्थान
  • राष्ट्रीयता
  • सामान्य नागरिक का वर्तमान पता
  • वर्तमान पते पर रहने की अवधि
  • स्थायी निवास का पता
  • व्यवसाय/गतिविधि
  • शैक्षणिक योग्यता

तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया

नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी। पहला चरण 1 अप्रैल 2020 लेकर से 30 सितंबर 2020 के बीच होगा, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे। दूसरा चरण 9 फरवरी 2021 से 28 फरवरी 2021 के बीच पूरा होगा। तीसरे चरण में 1 मार्च 2021 से 5 मार्च 2021 के बीच संशोधन की प्रक्रिया होगी।

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