Thursday, December 9, 2021

एनसीईआरटी की किताबों में बीजेपी को बताया मुस्लिमों का रहनुमा

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एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) की 12वीं कक्षा की किताबों में बीजेपी की जिक्र को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘पॉलिटिक्स इन इंडिया सिंस इंडिपेंडेंस’ (आज़ादी के बाद भारत में राजनीति) नाम की इस किताब में 2002 के मुस्लिम विरोधी गुजरात दंगों से ‘मुस्लिम विरोधी’ शब्द हटाकर सिर्फ ‘2002 गुजरात दंगा’ नाम दिया गया है.

किताब में भाजपा और नरेंद्र मोदी की जीत का ज़िक्र किया गया है. इसमें यह भी बताया गया है कि 1989 के शाह बानो मामले में भाजपा कैसे मुस्लिम महिलाओं के पक्ष में खड़ी रही. यही नहीं इस किताब में एक चैप्टर है, ‘सांप्रदायिकता, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र.’ इसमें हिंदुत्व की विचारधारा पर प्रकाश डाला गया है. यहां बताया गया है, ‘हिंदुत्व का शाब्दिक अर्थ है हिंदू होना. और इस विचारधारा के प्रणेता वीडी सावरकर ने इसे राष्ट्रवाद के आधार के तौर पर परिभाषित किया था. यानी इसका मूलभूत अर्थ हुआ- भारत देश में रहने वाला हर सदस्य.’

muslim people praying
source: Youtube

इस अध्याय में यह भी बताया गया है कि साल 1986 के बाद कैसे भाजपा ने हिंदू राष्ट्रवाद को अपनी विचारधारा में शामिल करने ज़ोर देना शुरू किया? किताब में 1986 के बाद भाजपा ने अपनी विचारधारा में हिंदू राष्ट्रवादी तत्व पर जोर देने का भी ज़िक्र किया गया है. इसमें हिंदुत्व को मानने वालों का तर्क दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि एक मज़बूत राष्ट्र केवल मजबूत और एकजुट राष्ट्रीय संस्कृति के आधार पर बनाया जा सकता है.

इसमें यह भी लिख गया है कि हिंदुत्व में विश्वास करने वालों का मानना है कि एक शक्तिशाली राष्ट्र का निर्माण मजबूत और संयुक्त राष्ट्रीय संस्कृति के आधार पर ही किया जा सकता है.

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