Saturday, November 27, 2021

मोदी सरकार ने लंगर पर लगाया जीएसटी, 450 साल में भी कभी नहीं लगा ऐसा टैक्स

- Advertisement -

देशभर में मोदी सरकार द्वारा गुरुद्वारों में होने वाले लंगरों को जीएसटी में शामिल करने का बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है. लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी ने  अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में आयोजित लंगर को वैट की तर्ज पर जीएटी में छूट देने की पुरजोर मांग की है.

लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने कहा, “गुरुद्वारों के 450 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि लंगर सेवा पर टैक्स लगाया गया है.” पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, यूपी के पूर्व मंत्री और एमएलसी बलवंत सिंह रामूवालिया भी इस प्रेस कांफ्रेस में मौजूद थे.

रामूवालिया ने सरकार से आग्रह किया है कि वे तत्काल प्रभाव से देश के गुरुद्वारों द्वारा दिए जाने वाले लंगर से जीएसटी हटा लें. बलवंत सिंह रामूवालिया ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही राज्यपाल राम नाईक को ज्ञापन भेजा जाएगा. इसके साथ वह प्रधानमंत्री से अपील करेंगे कि स्वर्ण मंदिर के लंगर की खरीद को जीएसटी से मुक्त करें.

रामूवालिया ने दावा किया है कि 31 दिसंबर, 2017 तक केंद्र द्वारा गुरुद्वारों से दो करोड़ रुपए वसूला जा चुका है. उन्होंने कहा कि लंगर पर जीएसटी लगाने के फैसले से सिख समुदाय बहुत ही उत्तेजित है.

कमिटी के जनरल सेकेट्री हरपाल सिंह ने बताया कि 450 साल में कभी भी स्वर्ण मंदिर के लंगर पर टैक्स नहीं लगाया गया. उनका सुझाव है कि स्वर्ण मंदिर में जीएसटी लगने से पहले लंगर के लिए जितनी खरीदारी होती थी, उसकी गणना करवाकर उतनी मात्रा ही जीएसटी से मुक्त कर दी जाए.

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles