केंद्र की मोदी सरकार ने रमजान के महीने में मस्जिदों में डिस्प्ले लगाने का आदेश दिया है. इन डिस्प्ले पर मुस्लिम समुदाय को लोन के बारें में जानकारी दी जायेगी. साथ ही मुस्लिमों को लोन हासिल करने के लिए मेसेज भी भेजे जायेंगे.

माना जा रहा है कि 2019 के लिए मुस्लिमों को वोट पाने के लिए मोदी सरकार ने ये कदम उठाया है. जिसके तहत पहले चरण में हर जिले के पांच अल्पसंख्यक बहुल गांव का चयन कर उनको सौ फीसदी लोन का लाभ दिया जाएगा.

सरकार का कहना है कि वह अल्पसंख्यकों को ज्यादा से ज्यादा लोन देकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहती है. महिलाओं को भी ई-रिक्शा आदि के लिए लोन उपलब्ध कराए जायेंगे, ताकि परिवार में आय का जरिया बढ़ सके.

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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सचिव जे.आर.के. राव के मुताबिक अल्पसंख्यक समुदाय को आसानी से लोन उपलब्ध हो, इसके लिए सभी बैंकों से अपनी सोच में परिवर्तन करने को कहा है. अल्पसंख्यक समुदाय को लोन लेकर अपना काम शुरू करे अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रेरित किया जाएगा. सरकार की इस योजना से हर हाल में अल्पसंख्यकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. सचिव राव ने शुक्रवार को इस बारे में मेरठ मंडल के जिलों के अफसरों की कमिश्नरी में बैठक भी ली.

मेरठ के कमिश्नर डॉक्टर प्रभात कुमार का कहना है कि औसत से कम और औसत से ऊपर कितने लोन बैंकों ने दिए इसका मूल्यांकन किया जाए. उन्होंने सभी सीडीओ को हर माह समीक्षा करने और सोने के बदले लोन देने की बैंकों की व्यवस्था का प्रचार कर लोगों को लाभ उठाने की जानकारी देने के भी निर्देश दिए हैं.

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