Saturday, November 27, 2021

आर्क बिशप के बाद अब कार्डिनल बोले – अल्पसंख्यकों में पहले ही चिंता, हालात और खराब न हो जाएं

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दिल्ली के आर्कबिशप अनिल काउटो द्वारा सभी चर्च के पादरियों को देश के मौजूदा हालात में सुधार और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने हेतु चिट्ठी लिखी गई थी. जिसके बाद देश में राजनीतिक भूचाल आ गया था.

अब कैथोलिक बिशप्स के कांफ्रेंस ऑफ इंडिया(सीबीसीआई) के अध्यक्ष कार्डिनल ओसवाल ग्रेसियस ने भी कुछ ऐसा ही बयान दिया है. उन्होंने बुधवार को कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों के लिए ठोस सुरक्षात्मक उपाय नहीं कर रही. जिससे मन में आशंकाएं बढ़तीं जा रहीं हैं. बीजेपी के नजदीक माने जाने वाले कार्डिनल ओसवाल ने कहा कि दिल्ली के आर्क बिशप के पत्र लिखने का समय गलत था, हालांकि इसे भारत की चर्चों के आधिकारिक आवाज के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि यह कहना अतिशयोक्ति होगा कि देश भर में चर्चों पर हमले की घटनाएं हो रहीं हैं, इस नाते मैं वर्तमान हालात के लिए डर से कहीं ज्यादा मुफीद चिंता शब्द समझता हूं. मेरा एतराज सिर्फ इतना है कि सरकार अल्पसंख्यकों को ऐसा कोई संदेश नहीं दे रही है कि जिससे लगे कि उन पर हमले आदि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि हम एकता, सद्भाव और संवाद के लिए काम कर रहे हैं, मगर समुदाय विशेष को जिस तरह से धमकियां मिल रहीं हैं, वो गलत है. ग्रेसियस ने कहा कि उन्होंने अपने मित्र बीजेपी नेताओं से भी अपनी चिंताएं जाहिर की हैं, हालांकि वह उनकी राजनीतिक मजबूरियों को समझते हैं.

बता दें कि आर्कबिशप अनिल काउटो ने अपने पत्र में कहा था कि ‘हमलोग वर्ष 2019 की ओर बढ़ रहे हैं जब हमें नई सरकार मिलेगी. ऐसे में हमें 13 मई से अपने देश के लिए प्रार्थना अभियान शुरू करना चाहिए.’  उन्होंने लिखा था, ‘मौजूदा अशांत राजनीतिक मौहाल संविधान में निहित हमारे लोकतांत्रित सिद्धांतों और हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने के लिए खतरा बन गया है.’

जिसके जवाब में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था , ‘भारत में सभी अल्पसंख्यक सुरक्षित है और यह एक मात्र ऐसा देश है जहां पर मजहब के नाम पर भेदभाव नहीं होता है.’ उन्होंने कहा, मैंने आर्कबिशप का कोई खत नहीं देखा है, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भारत उन देशों में से एक है जहां अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं और किसी को जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव करने की अनुमति नहीं है.’

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