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हैदराबाद की ऐतहासिक मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद सहित सभी 5 आरोपियों को बरी करने वाले एनआईए स्पेशल कोर्ट के जज रवींद्र रेड्डी का इस्तीफा नामंजूर हो गया है. वे गुरुवार (18 अप्रैल) को काम पर लौट आए.

बता दें कि रेड्डी ने मक्का मस्जिद ब्लास्ट में फैसला सुनाने के कुछ घंटे बाद अपना इस्तीफा दे दिया था. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जज रेड्डी ने कहा था कि उन्होंने इस्तीफ़ा निजी कारणों से दिया है और इसका मक्का मस्जिद में धमाके के फ़ैसले से कोई संबंध नहीं है.

हालांकि अब ई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्‍य न्‍यायाधीश रमेश रंगनाथन ने न सिर्फ रेड्डी का इस्‍तीफा खारिज कर दिया, बल्कि जज द्वारा मांगी गई 15 दिनों की छुट्टी भी रोक ली. रंगनाथन ने रेड्डी को तत्‍काल काम पर वापस लौटने का आदेश दिया.

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जज रवींद्र रेड्डी

रेड्डी फिलहाल हाई कोर्ट के विजिलेंस विभाग की जांच से गुजर रहे हैं. एक याचिकाकर्ता ने भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में रेड्डी पर आरोप लगाया था कि उन्‍होंने आरोपी को जमानत देने में ‘गैरजरूरी जल्‍दबाजी’ दिखाई.

मामले की विस्‍तार से जांच की अपील करते हुए शिकायतकर्ता कृष्‍ण रेड्डी ने दावा किया था कि जज ने ‘स्‍थापित मान्‍यताओं’ के खिलाफ जाकर उस आरोपी को राहत दे दी, जिसकी अग्रिम जमानत लेने की 5 कोशिशें विभिन्‍न अदालतों में नाकाम हो चुकी थीं.

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