loya

गुजरात के बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामले की सुनवाई करने वाले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के दिवंगत न्यायाधीश बृजगोपाल हरकिशन लोया (बी एच लोया) की मौत का मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की गई है.

पुनर्विचार याचिका बांबे लॉयर्स एसोसिएशन ने दायर की है. एसोसिएशन ने 19 अप्रैल के शीर्ष अदालत के निर्णय पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने लोया के निधन के कारणों का पता लगाने के लिए सारे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध करने वाली ये याचिकाएं खारिज कर दी थीं.

जस्टिस लोया की 2014 में नागपुर में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. वह वहां एक सहयोगी की बेटी के विवाह समारोह में हिस्सा लेने गए थे. 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा था कि लोया का स्वाभाविक कारणों से निधन हुआ था और उनके निधन के बारे में उपलब्ध सामग्री और मेडिकल रिकॉर्ड के मद्देनजर इसमें संदेह करने का कोई आधार दिखाई नहीं देता है.

सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि जज लोया के मामले में जांच के लिए दी गई अर्जी में कोई दम नहीं है.कोर्ट ने यह भी कहा कि जजों के बयान पर संदेह का कोई कारण नहीं है. उनके बयान पर संदेह करना संस्थान पर संदेह करना जैसा होगा. याचिका में जस्टिस लोया के मौत की जांच SIT से कराने की मांग की गई थी.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच इस केस में सुनवाई कर रही थी. इस बेंच में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी थे.

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