एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए संशोधन और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने को लेकर देश भर में दलित प्रदर्शन कर रहे है. जिसमे अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है.

मोदी सरकार की और से इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका दाखिल की है. लेकिन कोर्ट ने इस पर तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया है. इसी के साथ दलित संगठनों ने मोदी सरकार को धमकी देते हुए कहा कि यदि समाज के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को 15 अगस्त तक हल नहीं किया गया तो वह एक बार फिर से सड़कों पर उतरेंगे.

इसी बीच इस आंदोलन से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. जिसमे साफ़ तौर पर दलितों के दर्द को महसूस किया जा सकता है. दिल्ली में दलित एक्टिविस्ट निती जय की और से खिंची गई ये तस्वीर सामजिक भेदभाव को लेकर कटाक्ष पर है.

दिल्ली में आज यह भी हुआ.Nitin Jai Bhim की खींची हुई तस्वीर.

Dilip C Mandal ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಸೋಮವಾರ, ಏಪ್ರಿಲ್ 2, 2018

इस तस्वीर में एक दलित कार्यकर्ता हाथ में तख्ती लिये खड़ा है जिस पर लिखा है कि राम मंदिर की लड़ाई सिर्फ ब्राहम्ण ही करे क्योंकि मंदिर की कमाई भी ब्राहम्ण ही खाते हैं, एससी, एसटी अपनी मेहनत की कमाई खाते हैं.

https://twitter.com/fikaremillat/status/980882024553701376

वहीं एक और तस्वीर बहुत तेजी के साथ वायरल हुई है, इसमें कुछ लोग एक बैनर लिये खड़े हैं जिस पर लिखा है कि अरे कमाल है जब मुसलमानों से दंगा करना होता है तो हमें हिन्दू बना देते हो और जब मंदिर जाने की बात आती है तो हमें भंगी चमार आदीवासी बना देते हो.

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