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एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए संशोधन और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने को लेकर देश भर में दलित प्रदर्शन कर रहे है. जिसमे अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है.

मोदी सरकार की और से इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका दाखिल की है. लेकिन कोर्ट ने इस पर तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया है. इसी के साथ दलित संगठनों ने मोदी सरकार को धमकी देते हुए कहा कि यदि समाज के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को 15 अगस्त तक हल नहीं किया गया तो वह एक बार फिर से सड़कों पर उतरेंगे.

इसी बीच इस आंदोलन से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. जिसमे साफ़ तौर पर दलितों के दर्द को महसूस किया जा सकता है. दिल्ली में दलित एक्टिविस्ट निती जय की और से खिंची गई ये तस्वीर सामजिक भेदभाव को लेकर कटाक्ष पर है.

इस तस्वीर में एक दलित कार्यकर्ता हाथ में तख्ती लिये खड़ा है जिस पर लिखा है कि राम मंदिर की लड़ाई सिर्फ ब्राहम्ण ही करे क्योंकि मंदिर की कमाई भी ब्राहम्ण ही खाते हैं, एससी, एसटी अपनी मेहनत की कमाई खाते हैं.

वहीं एक और तस्वीर बहुत तेजी के साथ वायरल हुई है, इसमें कुछ लोग एक बैनर लिये खड़े हैं जिस पर लिखा है कि अरे कमाल है जब मुसलमानों से दंगा करना होता है तो हमें हिन्दू बना देते हो और जब मंदिर जाने की बात आती है तो हमें भंगी चमार आदीवासी बना देते हो.

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