idris hasan latif

भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल इदरीस हसन लतीफ का हैदराबाद में के एक निजी अस्पताल में इंतकाल (निधन) हो गया. वह 94 वर्ष के थे.

लतीफ सितंबर, 1978 से अगस्त, 1981 के बीच भारतीय वायुसेना के प्रमुख थे. उन्होंने बंटवारे के बाद पाकिस्तान वायु सेना में शामिल होने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया दिया था.

लतीफ़ को एसपिरेशन निमोनिया की शिकायत के बाद 25 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनका आज शाम साढ़े चार बजे इंतकाल हो गया. लतीफ के निधन पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने दुःख जताया है.

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सीतारमण ने कहा कि एयर चीफ मार्शल इदरीस हसन लतीफ के निधन का बहुत दुख है. उनके परिवार और मित्रों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं. राष्ट्र उनकी अनुकरणीय सेवा के लिए हमेशा कृतज्ञ रहेगा.

लतीफ ने महाराष्ट्र के राज्यपाल और फ्रांस में भारत के राजदूत के रूप में भी अपनी सेवाएं दी. इंडियन एयरफोर्स की वेबसाइट के अनुसार, मुस्लिम अफसर होने के नाते उन्हें फ़ौज के बंटवारे के वक्त भारत या पाक में से किसी को चुनने का ऑप्शन दिया गया, असगर और नूर खान दोनों ने उन्हें पाकिस्तान वायु सेना में शामिल होने के लिए राजी करने के लिए बुलाया, लेकिन लतीफ ने भारत को चुना और वो पहले मुस्लिम एयरफाॅर्स स्टाफ चीफ बने.

इदरीस हसन लतीफ का जन्म 1923 में हैदराबाद में हुआ था. वह 1942 में रॉयल इंडियन एयर फोर्स में शामिल हुए थे. अम्बाला में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उनको कराची के न. 02 कोस्टल डिफेंस फ्लाइट में भेजा गया जहां उन्होंने अरब सागर पर एंटी-सबमरीन, वैपिटी, ऑडैक्स और हार्ट्स जैसे विमानों की कमान संभालते थे.