नई दिल्‍ली: नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) ने कैडेटों को प्रेरित करने के लिए  सेना के 22 साल के लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की याद में एक अवॉर्ड शुरू किया है। 2017 में कश्मीर घाटी में आतंकवादियों ने  उनका अपहरण कर हत्या कर दी थी।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि भारतीय सेना की सबसे पुरानी राइफल रेजीमेंट में से एक राजपूताना राइफल्स ने फैयाज की स्मृति में इस साल से ‘कमांडेंट्स मोटिवेशन अवॉर्ड’ शुरू किया। सेना के एक अधिकारी ने कहा, ‘लेफ्टिनेंट उमर फैयाज का जीवन और सर्वोच्च बलिदान आज के युवा, खासतौर पर घाटी के ग्रामीण इलाकों के नौजवानों को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने की प्रेरणा देता है।’

अधिकारी ने बताया कि इस साल का पुरस्कार पुणे के पास खड़गवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में 139वें एनडीए पाठ्यक्रम के कैडेट विजय बहादुर को प्रदान किया गया। इससे पहले पहले भारतीय सेना ने मई 2017 में इनके नाम एक गुडविल स्कूल का नामकरण किया था। शोपियां के बेहीबाग स्थित आर्मी गुडविल स्कूल अब लेफ्टिनेंट उमर फैयाज गुडविल स्कूल के नाम से जाना जाता है।

बता दें कि 22 साल के उमर फैयाज कुलगाम के सुरसोना गांव के रहने वाले थे। वो अपनी पहली छुट्टी लेकर अपने रिश्तेदार की शादी समारोह में शिरकत के लिए आए थे। रात को करीब 10 बजे तीन आतंकियों ने उनके घर से उनका अपहरण कर लिया था। जिसके बाद उनका शव उनके घर से तीन किलीमीटर दूर हरमेन गांव से मृत हालत में बरामद हुआ था। आतंकियों ने बेहद बर्बरता से उनकी हत्या कर दी थी। आतंकियों ने उस युवा अफसर का जबड़ा-घुटने तोड़ दिए थे और दांत भी निकाल दिए थे।

उमर फैयाज की बटालियन के कमांडिंग ऑफ‍िसर कर्नल रोहित पाटिल ने एएनआई से बातचीत में कहा, ”वह (उमर) घाटी से हमारा पहला ऑफिसर था, ये हमारे लिए बड़ा नुकसान है। उसने कहा था कि वह छुट्टी पर वापस जाएगा और अपने कुछ दोस्‍त-रिश्‍तेदारों को आर्मी ज्‍वाइन करने के लिए मोटिवेट करेगा, क्‍योंकि कश्‍मीर के युवाओं को थोड़ा गाइडेंस की जरूरत है।”

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