नई दिल्ली: मानवाधिकार संगठन एनजीओ एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने देश भर में नफरत भरे अपराधों का ट्रैक और दस्तावेज रखने के लिए एक इंटरैक्टिव डेटा वेबसाइट लॉन्च की है.

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के कार्यकारी निदेशक आकार पटेल ने कहा, “न्याय सुनिश्चित करने और नफरत भरे अपराधों के लिए दण्ड देने का पहला कदम – जहां लोगों को एक विशेष समूह की सदस्यता के कारण निशाना बनाया गया है, उनकी घटनाओं को उजागर करना है.”

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि 2017 में, हमले, बलात्कार और हत्या सहित कथित तौर पर नफरत भरे अपराधों की एक खतरनाक संख्या – हाशिए पर आधारित समूहों, खासकर दलितों और मुस्लिमों के लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी. यह वेबसाइट ‘हॉल्ट द हेट’ नाम से शुरू की गई थी.

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पटेल ने कहा, “हमारी वेबसाइट का लक्ष्य इन अपराधों में से कुछ पर ध्यान केंद्रित करने और उनका दस्तावेजीकरण करना है. जिनमे दलितों को केवल मच्छरों के लिए और मुसलमानों को मवेशियों के परिवहन के लिए निशाना बनाया दलित महिलाओं को चुड़ैलों के रूप में प्रचारित किया गया और फिर उनसे बलात्कार किया गया, उनकी हत्या की गई.

वेबसाइट ने सितंबर 2015 से बीफ़ रखने के आरोप में उत्तर प्रदेश के दादरी में मारे गए अख़लाक़ से दस्तावेज को रखना शूरू किया. 2017 में कथित नस्लों अपराधों की दलितों के खिलाफ 141 और मुस्लिमों के खिलाफ 447 घटनाएँ सामने आई. जिसमें 69 घटनाएं वे भी है. जिनमें कम से कम 146 लोग मारे गए.

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