Tuesday, October 26, 2021

 

 

 

जान पर खेलकर जिंदगियां बचाने वाले मोहसिन राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित

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राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2019 के लिए 10 लड़कियों और 12 लड़कों समेत 22 बच्चों को नामित किया गया है. इंडियन काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर (ICCW) ने जिन 22 बच्चों को चुना है, उनमें से एक को यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया जाएगा.

केरल के कोझीकोड के रहने वाले मुहम्मद मुहसिन ने समुद्र में बहते अपने दोस्तों को बचाने के लिए जान गंवा दी. मोहसिन ने तीन जिंदगियां तो बचा लीं लेकिन खुद दुनिया को अलविदा कह गया. कोझिकोड के मोहम्मद मोहसिन ने अपने दोस्तों को बचाने के लिए समुद्र में छलांग लगा दी. उनके दोस्त तो बच गए लेकिन मोहसिन को बचाया नहीं जा सका.

केरल के रहने वाले 15 वर्षीय मास्टर आदित्य भी इस पुरस्कार से सम्मानित किए जाएंगे. वे 15 साल के हैं. उन्होंने साल 2019 में नेपाल में 40 लोगों की जान बचाई थी जब एक टूरिस्ट बस में आग लग गई थी. बस सीमा से 50 किलोमीटर पहले जब भारतीय सीमा में पहुंचने वाली थी, तभी उसमें आग लग गई थी.

बस में आग लगते ही ड्राइवर भाग गया, तब आदित्य ने ​हथौड़े से पीछे की खिड़की तोड़कर 40 यात्रियों की जान बचाई थी. इस हादसे में बस का डीजल टैंक फट गया था, जिससे पूरी बस आग के गोले में बदल गई और जलकर राख हो गई. अपने भविष्य के सपने को लेकर आदित्य मु​स्कराते हुए कहते हैं, “मैं इंडियन एयरफोर्स ज्वाइन करना चाहता हूं.” वे अपनी योजना समझाते हुए कहते हैं, “मैं स्कॉलरशिप का इस्तेमाल करके मेहनत से पढ़ाई करूंगा.”

वहीं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के चौकीबल और तुमिना में पाकिस्तान ने फायरिंग शुरू कर दी। 16 साल के मुगल उस वक्त घर में ही थे. उनके घर की पहली मंजिल पर पाकिस्तान का एक गोला आकर गिरा. वह बाहर निकल आए, लेकिन तभी उन्हें याद आया कि उनके पैरेंट्स और दो बहनें अभी अंदर ही हैं. इसके बाद वह तुरंत घर गए और अपनी दो बहनों को सुरक्षित निकालकर लाए. इसके बाद मकान ढहने से पहले उन्होंने माता और पिता को भी जगाकर बाहर निकलने.

इसी तरह मुदासिर ने फरवरी 2019 में बडगाम में इंडियन एयर फोर्स की स्ट्राइक के दौरान जवानों को बचाने मे उनकी मदद की थी.

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