नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में 2013 से जोधपुर जेल में बंद हिन्दू धर्मगुरु आसाराम को अब ताउम्र कैद जेल में ही रहना होगा. जज मधुसूदन शर्मा ने आसाराम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. जबकि इस मामले में बाकी दो दोषियों को 20-20 साल की सजा दी गई.

सजा के अनुसार आसाराम को मरने तक जेल में ही रहना होगा वहीं 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है. सजा सुनते ही आसाराम घुटनों पर बैठकर रोने लगा. आसाराम को धारा 376 (4) के तहत 1 लाख का जुर्माना, आईपीसी की धारा 73 डी के तहत उम्रकैद, आईपीसी की धारा 376 (2)एफ के तहत आजीवन कारावास, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत 6 महीने, और धारा 506 के तहत एक साल की सजा सुनाई है.

सजा सुनने के बाद आसाराम ने वहां खड़े पुलिसवाले से कहा कि अब जेल में ही रहेंगे और मौज करेंगे. सज़ा के ऐलान के साथ ही जज मधुसूदन और केस से जुड़े अन्य लोगों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. साथ ही पीड़िता के वकील ने कोर्ट में पीड़िता को 1 करोड़ का मुआवजा दिए जाने की मांग की है.

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आसाराम की तमाम बड़े नेताओं से लेकर आईएएस-आईपीएस अधिकारियों से करीबी थी. जिसकी वजह से उसे लगता था कि क़ानून के हाथ उस तक नहीं पहुंच सकते हैं. हालाँकि फैसले के बाद आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे ने कहा कि हम अपनी लीगल टीम से चर्चा करेंगे और भविष्य के प्लान पर फैसला लेंगे. हमें न्याय व्यवस्था में भरोसा है.

बता दें कि आसाराम पर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक नाबालिग से बलात्कार करने का आरोप था, जिसमेें वो दोषी साबित हुआ है. इस केस में कुल 58 गवाहों ने गवाही दी.

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