Wednesday, December 1, 2021

वीडियो: खुद को कृष्ण बताता था आसाराम, टॉर्च मार कमरे में बुलाता था लड़कियां

- Advertisement -

नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में जोधपुर जेल में बंद आसाराम के फैसले की घड़ी करीब आ गई है. इस मामले में बुधवार 25 अप्रैल को जोधपुर कोर्ट की ओर से जोधपुर सेंट्रल जेल में ही फैसला सुनाया जाएगा. इसके लिए जेल में ही कोर्ट रूम बनाया गया है.

जोधपुर के पुलिस आयुक्त अशोक राठौर ने बताया कि फैसले के दिन बड़ी संख्या में समर्थकों के जोधपुर पहुंचने की आशंका को देखते हुए जिले में धारा-144 लागू कर दी गई है. फैसले के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय से पुलिस बल की छह कंपनियां भेजी गई हैं.

बता दें कि शाहजहांपुर की 16 साल की नाबालिग लड़की ने आसाराम बापू पर जोधपुर के बाहरी इलाके में स्थित अपने आश्रम में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. उसने दिल्ली के कमला मार्केट थाने में मामला दर्ज करायाथा, जिसे बाद में जोधपुर स्थानांतरित कर दिया गया था. आसाराम को जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त 2013 को गिरफ्तार किया था और तब से वह जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं.

साल 2013 में मीडिया से बात करते हुए पीड़िता ने बताया था कि वह 2001 में आसाराम बापू और नारायण साईं से जुड़ी थी. पीडिता का कहना था कि जब वह उनके आश्रम गई तो उन लोगों ने प्रसाद में उसे कुछ ऐसा मिलाकर खिला दिया जिससे वह सम्मोहित हो गई और अपना घर-बार छोड़ने को मजबूर हो गई.

पीड़िता का कहना था कि वो दोनों पिता-पुत्र खुद को भगवान बताते थे. वो महिला भक्तों से कहते कि मैं भगवान कृष्ण का रूप हूं और तुम सारी भक्त गोपियां हो. पीड़िता ने बताया कि रात के वक्त आसाराम आश्रम में घूमता था और लड़कियों पर टार्च से रोशनी करता था. वो जिन लड़कियों पर टॉर्च मारता उसे उसके चेले अपने साथ ले जाते और बहला फुसला कर आसाराम के सामने परोस देते थे.

पीड़िता ने बताया कि आसाराम ज्यादातर अपने आसपास सिंधि महिलाओं को रखता था. सिंधि महिलाओं को वहां मलंग कहा जाता था.

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles