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जमीयत उलेमा ए हिन्द की और से यूपी के मऊ में शुक्रवार की रात हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समाज के लोगों के बीच भाईचारे के लिए आयोजित राष्ट्रीय एकता सम्मेलन में एक बार फिर से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की गई.

जमीयत उलमा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए, ताकि इसका बेचना, खरीदना, काटना अपराध की श्रेणी में आए.

उन्होंने मोदी सरकार पर भड़कते हुए कहा कि सरकार ऐसा नहीं करेगी, क्योंकि सरकार ऐसा कर देगी तो उसकी सियासत की दुकान बंद हो जाएगी. उन्होंने दादरी में मारे गए अख़लाक़ का भी जिक्र किया.

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मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मुट्ठी भर लोग जनता को लड़ा कर देश में सांप्रदायिकता का माहौल बना रहे हैं. ऐसे लोग धर्म के नाम पर लोगों को बांटते हैं. आजादी से पहले हिंदू-मुसलमान मिलकर रहते थे, उस समय धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं था.

उन्होंने देश की आजादी में मुसलमानों की कुर्बानियों पर कहा कि मुस्लिमों को अपना इतिहास नहीं पता है. देश को आजाद कराने में मुस्लिमों का अहम योगदान रहा है.

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