सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि राष्ट्रगान किसी फिल्म, डॉक्युमेंट्री या न्यूज़ रील का हिस्सा हो तो दर्शकों को इस दौरान खड़े होने की जरूरत नहीं है.  हालांकि फिल्म के शुरुअात में राष्ट्रगान होने पर खड़ा होना जरुरी है.

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को  साफ किया कि यदि राष्ट्रगान किसी फिल्म या फिर किसी डॉक्युमेंट्री का हिस्सा हो तो खड़े होने की जरूरत नहीं है. पर फिल्म की शुरुआत से पहले खड़े होना जरूरी है, इस पर बहस होनी चाहिए. उधर केंद्र ने भी सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि राष्ट्रगान पर खड़े होने का फिलहाल कोई कानून नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि अभी इस मामले को लेकर देश में कोई कानून नहीं है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम नैतिकता के पहरेदार नहीं हैं, मुद्दे पर बहस हो.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 30 नवंबर को अपने ऐतिहासिक फैसले में सभी सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स को आदेश दिया था कि वो फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाएं और दर्शक इसके प्रति सम्मान में खड़े हों.

इस आदेश के बाद राष्ट्रगान पर खड़े नहीं होने पर कुछ लोगों के साथ मारपीट की गई थी. जिनमे से कुछ मामलें फिल्म में राष्ट्रगान के हिस्सा होने से जुड़े थे.


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