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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सशस्त्र बलों को खास शक्तियां देने वाले कानून अफस्पा को मेघालय से पूरी तरह हटा दिया, जबकि अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों से भी इस कानून को हटा दिया गया है.

गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक यह फैसला 31 मार्च से अमल में आ गया है. इसके अनुसार पूरे मेघालय से इस कानून को हटाया गया है. साथ ही असम के सीमावर्ती इलाकों के 16 पुलिस स्टेशनों और आउटपोस्ट से घटाकर 8 तक सीमित कर दिया गया है. इसके अलावा यह तिरप, चांगलांग और लांगडिंग जिलों में भी लागू रहेगा.

इस बयान में साथ ही बताया गया कि सितंबर 2017 तक मेघालय का 40 फीसदी हिस्से में अफस्पा लागू था. हालांकि राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श के बाद मेघायल से इसे पूरी हटाने का फैसला लिया गया.

गृह मंत्रालय ने कहा कि पिछले चार सालों के दौरान इस क्षेत्र में उग्रवाद संबंधी गतिविधियों में 63 फीसदी तक की गिरावट देखी गई. वहीं 2017 में सुरक्षाबलों पर हमले में 40 फीसदी और नागरिकों की मौत में 83 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

बता दें कि अफस्पा कानून के तहत सेना और सुरक्षा बलों को ‘तनावग्रस्त हिस्सों’ में बिना किसी वारंट के लिए किसी शख्स की गिरफ्तारी, किसी जगह की तलाशी और खतरा होने पर किसी को मारने का भी अधिकार देती है. इस कानून के तहत सुरक्षाबलों पर केंद्र सरकार की मंजूरी के बिना किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती.

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