Tuesday, September 28, 2021

 

 

 

रिश्वतखोर नारकोटिक्स कमिश्नर के घर एंटी करप्शन ब्यूरो का छापा, मिला 2.25 करोड़ नगद और

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राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो ने शनिवार को कोटा के नारकोटिक्स विभाग के एडिशनल कमिश्नर सहीराम मीणा को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। इसके बाद जब सहीराम के घर और दफ्तर समेत कई अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई तो करोड़ों रुपए की संपत्तियां जब्त की गईं।

एसीबी के स्पेशल ऑपरेशन के बाद डीजी एसीबी आलोक त्रिपाठी ने रविवार को एक प्रेस कॉफ्रेंस की। जिसमें बताया कि एसीबी की सर्च कार्रवाई के दौरान सामने आया कि जयपुर में 106 भूखंडों के दस्तावेजों के अलावा जयपुर में 26 दुकानें, एक पेट्रोल पंप, वाटिका जयपुर में स्थित प्रेम पैराडाइज मैरिज गार्डन, सांगानेर में 5 बीघा कृषि भूमि, जयपुर में एक पेट्रोल पंप व सीतापुरा इंडस्ट्रीयल एरिया में इंडस्ट्रियल जमीन के दस्तावेज मिले है।

इसके अलावा आरोपी अफसर के मुंबई में एक और दिल्ली में 2 आलीशान लोकेशन पर फ्लैट है। इनमें आरोपी के मुंबई स्थित फ्लैट का किराया 80 हजार रूपये महीना बताया जा रहा है। इसके अलावा स्वामी विवेकानंद एजुकेशन सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन, 4 मंहगी कार, 4 बड़े चक्के वाले ट्रक, 6 लाख 26 हजार के आभूषण और 2 करोड़ 26 लाख 98 हज़ार 800 रूपये भी एसीबी ने बरामद किए है। इनके करीब 15 बैंक खाते और बैंक लॉकर्स है। जिन्हें सोमवार को खोला जाएगा। एसीबी अधिकारियों का मानना है कि आईआरएस की बेनामी संपत्ति का आंकड़ा बड़ा निकलेगा। करीब 100 करोड़ के पार पहुंच सकता है। इससे आय से अधिक संपत्ति के केस भी जुड़ सकता है।

बता दें कि मीणा पर लगातार रिश्वत लेकर नियमों का उल्लंघन करने के भी आरोप लगते रहे हैं। दरअसल चितौड़गढ़ के एक शख्स से अफीम पट्टे का मुखिया बनाने के लिए मीणा ने पांच लाख रुपए मांगे थे। इसके बाद एसीबी टीम ने कमलेश धाकड़ का मोबाइल सर्विलांस पर लिया। जिसमें पता चला कि कमलेश से उसके पिता नंदलाल को मुखे बनाने की एवज में आईआरएस हीरा मीणा द्वारा रिश्वत की मांग की गई है।

इस पर 26 जनवरी की सुबह 10 बजे कमलेश रिश्वत की राशि 1 लाख रुपए लेकर अधिकारी के कोटा स्थित आवास पर पहुंचा। जहां ईशारा मिलते ही एसीबी के एडिशनल एसपी ठाकुर चंद्रशील की टीम ने डॉ. सहीराम और कमलेश धाकड़ को धरदबोचा। जयपुर में सर्च के लिए आईजी एसीबी दिनेश एमएन के निर्देशन में एसपी शरद चौधरी के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की गई। इनमें एएसपी आलोकचंद्र शर्मा, पृथ्वीराज मीणा, देशराज यादव, इंस्पेक्टर महेश शर्मा को शामिल किया गया।

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