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किछौछा शरीफ के गद्दीनशीन मोहम्मद अशरफ अशरफी ने केंद्र सरकार की नई हज नीति में मुस्लिम महिलाओं के अकेले हज जाने पर दी गई व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि यह गलत है, कोई भी औरत बगैर अपने माता-पिता, भाई या शौहर के हज तो क्या, घर के बाहर बाजार तक नहीं जा सकती.

उन्होंने केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के उस वक्तव्य पर ऐतराज जताया जिसमे उन्होंने कहा था कि मुस्लिम औरतें हज के लिए अकेली जा सकती है. इस बारें में अशरफी ने कहा कि नकवी साहब को इतनी समझ नहीं कि इस्लाम को समझ सकें.

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गद्दीनशीन ने आगे कहा, इस्लाम में 1400 साल पहले यह स्पष्ट व्यवस्था दे रखी है कि कोई भी औरत बगैर माता-पिता, भाई बहन या शौहर के घर से बाहर नहीं जा सकती. यह हमारी बहू-बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा सीधा मामला है.

रोहिंग्या मुस्लिमों के मुद्दें पर उन्होंने कहा, रोहिंग्या के मुसलमानों के लिए सरकार को दरवाजे खोलने चाहिए. जिस तरह तिब्बतियों के लिए भारत में सुविधाएं दी गई हैं, उनके लिए कालेज, अस्पताल हैं, उसी तरह रोहिंग्या के हिंदू और मुसलमान के लिए भी सहूलियत दी जाए.

इसी के साथ उन्होंने जीएसटी को लेकर  अपनी राय रखी और कहा, सरकार को तजुर्बेकार अर्थ के जानकारों से इस बारें में राय लेनी थी. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ये दोनो विश्व के टाप क्लास अर्थशास्त्री हैं.

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