जेद्दा: सऊदी अरब ने भारत के 20 प्रतिशत हज कोटा जो पिछले तीन साल के लिए हरमेंन शरीफ में विस्तार कार्यों के कारण कम किया गया था को बहाल कर दिया है. अब मौजूदा हज कोटा 35903 के साथ बड़कर 1, 70,403 हो गया हैं.

अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस बारें में कहा कि सऊदी अरब ने भारत की वार्षिक हज कोटे में 34,500 की वृद्धि की हैं. उन्होंने बताया कि यह निर्णय जेद्दा में नकवी और सऊदी हज और उमराह मंत्री डॉ मोहम्मद सालेह बिन ताहेर द्वारा भारत और सऊदी अरब के बीच वार्षिक हज समझौते पर हस्ताक्षर करने के दौरान लिया गया था.

अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, नकवी ने कहा कि यह खुशी की बात है कि सऊदी अरब ने भारत के हज कोटे में 34,500 वृद्धि की है. उन्होंने बताया कि यह भारत से हज यात्रियों के कोटे में 1988 के बाद की अब तक कि सबसे बड़ी वृद्धि है.”

बहरहाल, ‘सबसे बड़ी वृद्धि’ के मंत्री के दावे का कोई आधार नहीं हैं. मक्का और मदीना मुनव्वरा में विस्तार कार्यक्रम से पहले यानि यूपीए की सरकार के दौरान 2013 में भारतीय हज कोटा 1, 75,000 के लगभग था. नकवी का ये दावा विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में देखा जा सकता है. भाजपा में इस तरह के झूठे दावे करके मुसलमानों को लुभाना चाहती है.

नकवी के इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय हज समिति के क पूर्व अधिकारी ने कहा कि अगर वास्तव में मंत्री ब्राउनी अंक कमाना चाहते हैं. तो उन्हें सऊदी अधिकारियों को 2011 की जनगणना के आधार पर भारतीय हज कोटा तय करने के लिए आश्वस्त करना चाहिए. उन्होंने नकवी के 1988 के बाद से भारत के वार्षिक हज कोटे में ‘सबसे बड़ी वृद्धि’ को एक झूट करार दिया.


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