NaMo TV पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कार्रवाई करने से साफ इंकार

नमो टीवी को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। चुनाव आयोग के नोटिस के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि यह डीटीएच सेवा प्रदाताओं द्वारा शुरू किया गया एक विज्ञापन प्लेटफॉर्म है जिसके लिए सरकारी मंजूरी की जरूरत नहीं।

वहीं दूसरी और टाटा स्काई (Tata Sky) के सीईओ ने अपने बयान में कहा कि यह समाचार चैनल नहीं है, जैसा कि पहले बता दिया गया। यह एक अलग तरह की सर्विस है जिसके लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद ‘नमो टीवी’ को लेकर सवाल बने हुए हैं। लेकिन गुरुवार को एक ग्राहक के सवाल के जवाब में टाटा स्काई की ओर से कहा गया कि नमो टीवी एक हिन्दी न्यूज सर्विस है जो राष्ट्रीय राजनीति पर ब्रेकिंग न्यूज दिखाता है।

फिर कुछ ही घंटे बाद टाटा स्काई के सीईओ ने बयान जारी कर कहा – ‘नमो टीवी एक विशेष सेवा है। विशेष सेवाओं के लिए लाइसेंस नहीं चाहिए। नमो टीवी हिंदी समाचार सेवा नहीं है। अगर टाटा स्काई में किसी ने समाचार सेवा बताया है तो यह गलती है। सामग्री से जुड़े सवाल बीजेपी (ग्राहक) से पूछिए। नमो टीवी की सामग्री बीजेपी से आ रही है।’

इस पर बीजेपी नेता टाम वडक्कन ने कहा, “मैं बीजेपी के उन नेताओं से संपर्क में हूं जो इस तरह के मामलों को देखते हैं। मैं आपको आश्वासन देता हूं कि सारे पेमेंट चेक से हो रहे हैं और सब कुछ पारदर्शी है।

बता दें कि आचार संहिता लागू होने के बाद नमो टीवी की लॉन्चिंग पर चुनाव आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी थी।

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