Saturday, September 18, 2021

 

 

 

नम आंखों से नजीर अहमद के परिजनों ने ग्रहण किया पति की वीरता का सम्मान

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नई दिल्ली: देश के लिए शहीद होने वाले जम्मू-कश्मीर के लांस नायक नज़ीर अहमद वानी को मरणोपरांत सेना के सर्वोच्च सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। वानी की मां राजा वानी और पत्नी महजबीन ने यह सम्मान प्राप्त किया। यह सम्मान उन्हें ऐसे समय पर दिया जा रहा है, जब बारामूला को घाटी का पहला आतंक मुक्त जिला घोषित किया गया है।

बीते साल 23 नवंबर 2018 को जब वानी 34 राष्ट्रीय रायफल्स के साथियों के साथ ड्यूटी पर थे, तब इंटेलिजेंस से शोपियां के बटागुंड गांव में हिज्बुल और लश्कर के 6 आतंकी होने की खबर मिली। आतंकियों का सामना करते हुए वानी शही’द हुए।

शहीद वानी की पत्नी और मां ने नम आंखों के साथ पति की वीरता का सम्मान ग्रहण किया। राष्ट्रपति कोविंद ने हाथ जोड़कर अभिवादन किया। मेहजबीन ने अशोक चक्र मिलने की खबर के बाद कहा था कि उनके पति की शहादत की खबर सुनकर वह नहीं रोई थीं।

राष्ट्रपति के सेक्रटरी की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ बताती है, ‘लांस नायक वानी ने दो आतंकियों को मारने और अपने घायल साथी को बचाते हुए सबसे बड़ा बलिदान दिया। खतरा देखते हुए आतंकियों ने तेज गोलीबारी शुरू कर दी और ग्रेनेड भी फेंकने लगे। ऐसे अकुलाहट भरे वक्त में वानी ने एक आतंकी को करीब से गोली मारकर खत्म कर दिया।’

23 नवंबर 2018 के इस एनकाउंटर में वानी और उनके साथियों ने कुल 6 आतंकियों को मार गिराया था। इनमें से दो को वानी ने खुद मारा था। एनकाउंटर में वह बुरी तरह ज़ख्मी हो गए थे और हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। 26 नवंबर को अंतिम संस्कार से पहले वानी को उनके गांव में 21 तोपों की सलामी दी गई थी। वह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गए।

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