Saturday, September 18, 2021

 

 

 

हाई कोर्ट ने नजीब के मामले में पुलिस की जांच पर उठाए गंभीर सवाल, कहा – कोई ऐसे ही दिल्ली से गायब नहीं हो सकता

- Advertisement -
- Advertisement -

delhi

दिल्ली हाई कोर्ट ने जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद की तलाश से जुड़ीं याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि नजीब के लापता होने में ‘कुछ और’ हो सकता है क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी के बीचो बीच से कोई इस तरह ओझल नहीं हो सकता.

कोर्ट ने नजीब से ABVP कार्यकर्ताओं के झगडे को लेकर पूछा कि कैंपस में ये झगड़ा क्यों हुआ? और नजीब को चोट आयी थी, तो दिल्ली पुलिस की स्थिति रिपोर्ट में इसका जिक्र क्यों नहीं किया गया? अदालत ने दिल्ली पुलिस को लताड़ लगाते हुए कहा कि अगर एक आदमी राष्ट्रीय राजधानी से लापता हो जाए और अब तक उसका पता नहीं हो तो इससे लोगों में ‘असुरक्षा का भाव’ पैदा होता है.

इसके साथ ही अदालत ने ABVP कार्यकर्ताओं पर दिल्ली की पुलिस की ढुलमुल कारवाई को लेकर भी सवाल उठाया और पूछा कि नजीब और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के बीच कैंपस में हुए झगड़े के बारे में रिपोर्ट में क्यों कुछ नहीं कहा गया है जिन पर आरोप है कि उसकी निर्ममतापूर्वक पिटाई की गयी और बस इतना जिक्र किया गया कि लापता छात्र ने उनमें से एक को थप्पड़ मारा था.

न्यायाधीश ने सवाल किया कि 15 अक्तूबर को लापता होने से पहले 14-15 अक्तूबर की रात नजीब का जिनलोगों के साथ कथित तौर पर झगड़ा हुआ था उनलोगों से पूछताछ करने के लिए पुलिस ने 11 नवंबर तक का इंतजार क्यों किया और उनके खिलाफ 17 अक्तूबर को आपराधिक शिकायत दर्ज करायी गयी.

नजीब की मान फातिमा की ओर से पेश हुआ वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंजाल्विस ने दलील दी कि वह मामले में जांच के तरीके से ‘निराश’ हैं क्योंकि एजेंसी नजीब को अगवा किये जाने की आशंका को खंगाल नहीं रही ऐसा इसलिए कि एबीवीपी के सदस्यों ने उसे कथित तौर पर धमकी दी थी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles