जेएनयू छात्र नजीब अहमद के गुमशुदगी के मामलें में गुरुवार को निचली अदालत के आदेश पर सत्र अदालत ने फिलहाल रोक लगा दी है. दरअसल, निचली अदालत के निर्णय को एबीवीपी के नौ संदिग्ध छात्रों ने पटियाला हाउस कोर्ट के सत्र न्यायाधीश के समक्ष चुनौती दी है.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा ने छात्रों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा द्वारा दायर पुनरीक्षा याचिका पर आदेश पारित किया और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया. अदालत ने जांच एजेंसी से तीन मई तक जवाब दायर करने को कहा हैं.

दिल्ली पुलिस इन छात्रों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाना चाहती है. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने अर्जी दायर कर मामले में नौ संदिग्ध छात्रों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है. पुलिस ने अपनी अर्जी में लिखा है कि हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर छात्रों का पॉलीग्राफ टैस्ट करवाना है. इसलिए छात्रों का पॉलीग्राफ कराने की अनुमति दी जाए.

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गौरतलब रहें कि जेएनयू में पीएचडी का छात्र नजीब अहमद 14 अक्तूबर को अचानक गायब हो गया था. गायब होने से पहले एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उसे कथित तौर पर मारपीट की थी. छात्रसंघ अध्यक्ष मोहित पांडेय ने अपनी शिकायत में मारपीट करने वाले छात्रों को नामजद किया था. वहीँ पुलिस ने नजीब की मां की शिकायत पर अपहरण की एफआईआर दर्ज की हुई हैं.

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