ट्रिपल तलाक के मामले में एक लाइव डिबेट शो के दौरान पेनलिस्ट मौलना को थप्पड़ मारकर सुर्खियों में आई फराह फैज़ कि मेरे वंशज ठाकुर थे। इसमें कोई झूठ नहीं है। हमारा गोत्र चौहान था। मेरे पूर्वज कन्वर्ट हुए थे।

उन्होने कहा, मैं फराह फैज़ हूं और फराह फैज ही रहूंगी। मैं मुसलमान राजपूत हूं। मुसलमान राजपूत हो जाने से मुझे कोई यह नहीं कह सकता कि यह इस्लाम की जानकर नहीं है। मुझे पूरी तरह से इस्लाम की जानकारी है और पूरी तरह से अल्लाह की शरियत का पता है। लेकिन मौलानाओं की शरियत को मैं बिल्कुल भी नहीं जानती। मौलानाओं की शरियत को वे खुद जानते हैं और लोगों को अमल कराते हैं, ताकि वह चुनाव के टाईम पर जनता के वोटो का सौदा कर सके।

बता दें कि नोएडा फिल्म सिटी स्थित ज़ी हिंदुस्तान टीवी चैनल पर लाइव शो के दौरान कथित रूप से मौलाना एजाज़ अरशद क़ासमी के साथ मार-पीट के मामले मे अधिवक्ता एडवोकेट फराह फ़ैज़ उर्फ लक्ष्मी वर्मा पर FIR दर्ज हुई थी। हालांकि इसी मामले इसे पहले कामसी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

https://youtu.be/XfwKuc2Zsk0

एडवोकेट फराह फ़ैज़ उर्फ लक्ष्मी वर्मा के खिलाफ दर्जभी एफआईआर में कहा गया कि फराह फैज़ ने मौलाना पर पहले हमला करते हुए उन्हें थप्पड़ मारा। जिसके बाद प्रतिक्रिया में अपनी रक्षा करते हुए मुफ्ती एजाज अरशद कासमी ने भी फराह फैज़ को थप्पड़ लगा दिया।

उल्लेखनीय है कि डिबेट वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि बहसबाजी के दौरान महिला ने पहले मौलाना को थप्पड़ जड़ दिया जिसके बाद मौलाना ने खुद का बचाव करते हुए महिला को थप्पड़ लगा दिया।