मुजफ्फरनगर | करीब चार साल पहले एक अफवाह की वजह से मुजफ्फरनगर संप्रदायिक दंगो की आग में जल उठा था. इन दंगो में काफो लोग मारे गए और हजारो लोग बेघर हो गए. एक बार फिर कुछ इसी तरफ की अफवाहों के जरिये मुजफ्फरनगर की फिजा को बिगाड़ने की कोशिश हो रही है. सोशल मीडिया पर कुछ लोग मुजफ्फरनगर में हुई एक गैंगरेप की घटना को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश में लगे हुए है.

हैरान कर देने वाली बात यह है की इनमे से एक शख्स को हमारे प्रधानमंत्री ट्विटर पर फोलो करते है. दरअसल हाल ही में मुजफ्फरनगर में एक नाबालिग युवती को 10 दिन तक बंधक बनाकर उसके साथ गैंगरेप करने की घटना सामने आई थी. इस मामले में मुस्लिम समुदाय के चार आरोपियों के नाम सामने आये थे. मामला सामने आते ही कुछ हिंदूवादी संगठनो के कार्यकर्ताओ ने थाने पर जाकर हंगामा किया. फ़िलहाल सभी आरोपी पुलिस की पहुँच से बाहर है.

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लेकिन कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिये इस घटना को साम्रदायिक रंग देने की कोशिश में लगे हुए है. इनमे से एक शख्स का नामा है अंशुल सक्सेना. अंशुल ने ट्विटर पर ट्वीट कर यह अफवाह फैलाई की चार मुस्लिम युवको ने एक नाबालिग लडकी को 10 दिन तक बंधक बनाकर उसके साथ गैंगरेप किया. यही नही युवती को मांस खाने और धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर किया गया. कुछ ही देर में यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी.

जिसके बाद मुजफ्फरनगर पुलिस को सामने आकार इस खबर का खंडन करना पड़ा. मुजफ्फरनगर ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से अंशुल सक्सेना के ट्वीट को अफवाह करार देते हुए लिखा,’ उक्त के संबंध में क्षेत्राधिकारी भोपा की जाच्खायानुसार जबरन मांस खिलाने की खबर मिथ्या प्रकाशित की गई है इस तरह की कोई घटना घटित नहीं हुई है.’ हालाँकि अंशुल ने बाद में सफाई देते हुए कहा की मैंने मीडिया में आई खबरों को आधार बनाकर ही यह ट्वीट किया था. चौकाने वाली बात यह है की इस शख्स को हमारे प्रधानमंत्री मोदी फोलो करते है.

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