Tuesday, June 28, 2022

मुसलमानों खुद लेंगे वोटिंग का फैसला, नहीं करेंगे कोई अपील: इमाम बुखारी

- Advertisement -

लोकसभा चुनाव हों या विधानसभा हो दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम मुसलमानों से हमेशा किसी विशेष पार्टी के लिए मतदान करने की अपील करते आए है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। पहले चरण का प्रचार शुरू होते ही उन्होने ऐलान किया है कि वो इस बार चुनावों में कोई सियासी ऐलान नहीं करेंगे।

न्यूज18 हिन्दी से खास बातचीत में उन्होंने कहा, “इस लोकसभा चुनाव में मैं कोई ऐलान नहीं करुंगा। किसी भी पार्टी के पक्ष-विपक्ष में कोई ऐलान नहीं किया जाएगा। मैं चाहता हूं कि इस बार आवाम खुद फैसला ले। वो खुद सोचे कि कौन उसके लिए सही है और कौन गलत। किसे वोट देना है और किसे नहीं देना है।”

राजनीतिक पार्टियों के संपर्क करने के सवाल पर बुखारी ने कहा, “सिर्फ सियासी पार्टी ही नहीं और भी बहुत सारे लोगों के फोन आए, लेकिन मेरा फैसला एक ही है, क्योंकि कुछ लोग हैं जो ये ही चाहते हैं कि मैं कुछ बोलूं।”

gujarat election

इससे पहले 17वीं लोकसभा के लिए चुनाव में दारुल उलूम देवबंद किसी भी दल को वोट देने की अपील नहीं करने का ऐलान किया है। दारुल उलूम के चांसलर मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने सोमवार को कहा कि संस्था न कोई फतवा जारी करेगा और न ही राजनीतिक दलों के नेताओं को समर्थन या आशीर्वाद देगा। उन्होंने राजनीतिक दलों के नेताओं से भी गुजारिश की है कि वे चुनावों के दौरान संस्थान न आयें।

दारुल उलूम ने लोकसभा के 1952 के पहले आम चुनावों में प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस का समर्थन किया था। दारुल उलूम वक्फ के 78 वर्षीय मौलाना अब्दुल्ला जावेद बताते हैं कि तब चांसलर कारी तैयब ने मुसलमानों से कांग्रेस को वोट देने की अपील की थी।

- Advertisement -

Hot Topics

Related Articles