मुंबई: हजरत सय्यद मोईन मियां के नेतृत्व में शनिवार को सुन्नी बिलाल मस्जिद में उलेमा-ए-अहले सुन्नत की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें बड़ी संख्या में शहर के धर्मगुरुओं और सम्मानित वकीलों ने भाग लिया। ये बैठक तहफ़्फ़ुज़ ए नामूस ए रिसालत और अजमत ए सहाबा को लेकर हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए हजरत सय्यद मोईन मियां ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सहाबा ए किराम (रजि) और दुनिया भर के मुस्लिमों की मां हजरत आइशा सिद्दीका (रजि) की पाकीजा जिंदगी को निशाना बनाकर मुल्क में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे है। जिसे मुस्लिमों में भारी गुस्सा है। उन्होने कहा कि सरकार और प्रशासन को ऐसे सामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए जेल की सलाखों के पीछे डालना चाहिए। ताकि देश का अमन और सुकून बर्बाद न हो।

वहीं रज़ा एकेडमी के प्रमुख सय्यद अल्हाज मुहम्मद सय्यद नूरी ने कहा कि मुस्लिम दुश्मनी में कुछ लोग इस्लाम धर्म की पवित्र शख़्सियतों का लगातार अनादर कर रहे है। जिसमे पैगंबर मुहम्मद (सल्ल) और उनके साथी शामिल है। जिससे करोड़ों मुसलमानो को भड़काया जा सके। हाल ही में यूपी पेश आई वारदात सामने है। जहां एक असामाजिक तत्व ने खुलेआम सहाबा ए किराम (रजि) के अपमान की कोशिश की। उन्होने देश में एक फिरके को दूसरे फिरके से लड़ाने की साजिश हो रही है। जिससे बड़ा फसाद पैदा हो।

नूरी साहब ने कहा कि मुस्लिमों के लिए हुजूर (सल्ल) और उनके सहाबा (रजि) की शान की हिफाजत सबसे बढ़कर है। मुसलमान सब कुछ बर्दाश्त कर सकते है लेकिन पैगंबर और उनके साथियों का अपमान नहीं। उन्होने ऐसे लोगों से कानूनी तौर पर निपटने के लिए एक मुहिम चलाने की अपील की।

इस दौरान मुंबई के विभिन्न इलाकों के धर्मगुरुओं ने ये मुहिम रज़ा एकेडमी के नेतृत्व में चलाने की बात कहीं। जिस पर नूरी साहब ने इस सबंध में अदालतों में एक याचिका दायर करने की भी बात कहीं। उन्होने कहा कि कानून के जरिए ही ऐसे असामाजिक तत्वों से निपटा जा सकता है। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट गुलाम पंजतन खान ने अपनी सेवाएं देने की पेशकश की।

अल्हाज मुहम्मद इब्राहिम ताई ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। सिर्फ पुलिस शिकायतों से काम नहीं चलने वाला। अब अदालत के जरिए कड़ी कार्रवाई कराने की जरूरत है। जिससे ऐसे लोग जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे।

वरिष्ठ पत्रकार खलील ज़ाहिद ने कहा कि ये एक बड़ी साजिश है। ऐसे लोगों के पीछे कोई और है। जिनके इशारों पर देश का माहौल खराब करने की कोशिश हो रही है। ऐसे में अब इस साजिश की जड़ तक पहुँचना होगा। वहीं अब्दुल रज्जाक ने समाज के धनी और दौलतमंद लोगों से आगे आने की अपील की। उन्होने कहा कि ऐसी दौलत किस काम की जो शाने रिसालत में काम न आ सके।

इस बैठक में मौलाना खलील-उर-रहमान नूरी, मौलाना अमानुल्लाह रजा, कारी अब्दुल रहमान जिया, मौलाना मकसूद अली, मौलाना वलीउल्लाह शरीफी, मौलाना महमूद आलम रशीदी सैय्यद जमील रिजवी, मौलाना अब्बास रिजवी, मौलाना जफरुद्दीन रिजवी, मौलाना मंजर हसन अशरफी, मौलाना सूफी मुहम्मद उमर, मौलाना महमूद अली अशरफी, कारी नियाज अहमद, कारी मेराज अहमद, कारी नाजिम रिजवी, नबी अख्तर कुरेशी, मुफ़्ती नफीस रजवी, मौलाना अब्दुल रहीम के अलावा अन्य सज्जन भी उपस्थित रहे।