पटना | योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद, राम मंदिर निर्माण की बहस एक बार फिर छिड चुकी है. जानकारों के अनुसार बीजेपी ने इस मुद्दे को जिन्दा रखने के लिए योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश की कमान सौपी है. लेकिन सवाल यही उठता है की क्या योगी इस और कदम बढ़ाएंगे. चूँकि चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा था की राम मंदिर निर्माण उनके एजेंडा में है.

वही योगी आदित्यनाथ भी कई मौको पर कह चुके है की सरकार बनते ही राम मंदिर निर्माण में आने वाले सभी रोड़े हटाये जायेंगे और राम मंदिर का निर्माण किया जायेगा. अब चूँकि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार आ चुकी है और केंद्र में पहले से ही बीजेपी की सरकार है तो क्या योगी आदित्यनाथ इस और कदम बढ़ाएंगे? योगी के शपथ लेने के बाद लोगो के जेहन में यह सबसे बड़ा सवाल है.

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उधर अपने विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहने वाले केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राम मंदिर निर्माण पर कहा की मेरी समझ में यह नही आता की राम मंदिर का निर्माण अयोध्या में नही होगा तो क्या पाकिस्तान या बांग्लादेश में होगा? लेकिन चूँकि यह मामला क़ानूनी दायरे में है इसलिए अभी इसके बारे में कुछ नही कहा जा सकता. हालाँकि गिरिराज ने राम मंदिर निर्माण के लिए मुसलमानों को आगे आने की नसीहत दी.

उन्होंने कहा की पूरी दुनिया में सौहार्द का सन्देश देने के लिए मुसलमानों को राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आना चाहिए. इसके अलावा गिरिराज सिंह ने मुसलमानों को अल्पसंख्यक कहने पर भी सवाल उठाये. उन्होंने कहा की मुसलमान अब बहुसंख्यक हो चुके है , उन्हें अल्पसंख्यक की परिधि से बाहर आना चाहिए और देश के विकास में कंधे से कन्धा मिलाकर चलना चाहिए.

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