देश में मुस्लिमों की देशभक्ति के खिलाफ उठने वाले सवालों के बीच दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डॉक्टर जफरुल इस्लाम खान ने कहा कि मुस्लिमों को अपनी देशभक्ति साबित करने की कोई जरुरत नहीं है.

खान ने कहा, ‘देश में राष्ट्रवाद को लेकर जो विमर्श चल रहा है उससे कहीं न कहीं मुस्लिम समुदाय की देशभक्ति पर सवाल खड़ा करने की कोशिश हो रही है. यह बहुत दुखद है कि मीडिया का एक बड़ा हिस्सा इस बहस को हवा दे रहा है. इसका जवाब सिर्फ तर्कों और तथ्यों से दिया जा सकता है.’

उन्होंने कहा, मुसलमानों को देशभक्ति साबित करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि आजादी की लड़ाई में उनका प्रमुख योगदान रहा है. जो राष्ट्रवाद को लेकर मुस्लिम समुदाय को लेकर सवाल खड़े करता है उसे इतिहास और तथ्यों की जानकारी नहीं है.

वहीँ ‘ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस-ए-मुशावरत’ के अध्यक्ष नावेद हामिद ने कहा, ‘मुस्लिमों की देशभक्ति पर सवाल खड़ा करने की कोशिश कोई नई बात नहीं है. हमारा देश संविधान और कानून से चलने वाला देश है. चिंता की बात यह है कि अब इतिहास को बदलने की कोशिश हो रही है.’

वरिष्ठ पत्रकार पंकज पचौरी ने कहा, ‘भारत दुनिया का एक इकलौता ऐसा देश है जो सेक्युलर है और बहुत सारी विभिन्नताएं होने के बावजूद एकजुट है. बंटवारे के बाद जो मुसलमान यहां रह गए वो सभी देशभक्त हैं.

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