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आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड से निष्कासित देवबंद मौलाना सलमान नदवी ने एक बार फिर से मुसलमानों को अयोध्या में बाबरी मस्जिद की जगह पर से अपना दावा छोडने को कहा है। उन्होंने कहा है कि इस्लाम के इतिहास में मस्जिद को स्थानांतरित करने की तमाम दलीलें मौजूद हैं।

मौलाना ने शुक्रवार को जारी बयान में मुसलमानों से अपील की कि वे देश में अमन कायम करते हुए आपसी बातचीत से अयोध्या मुद्दे का हल निकालें। उन्होंने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला शरीयत के लिए अहम नहीं है, बल्कि एक औपचारिकता है। मौलाना ने दावा किया कि शरीयत के मुताबिक मस्जिद स्थानांतरित की जा सकती है।

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उन्होने कहा, बाबरी मस्जिद की जमीन पर लम्बे समय से नमाज नहीं पढ़ी जा रही है लिहाजा वहां से मस्जिद स्थानांतरित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पर्सनल ला बोर्ड के कामकाज का तरीका न अपने विरोध में कामयाब हो सका और न ही मस्जिद के बारे में।

बता दें कि मौलाना नदवी को तकरीबन छह महीने पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से इस तरह के बयान को लेकर निष्कासित कर दिया गया था। उन पर बीजेपी और संघ परिवार से डील करने के आरोप लगे थे। एक बार फिर से उनकी कड़ी आलोचना हो सकती है।

दरअसल, अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए 25 नवंबर को VHP अंतिम धर्मसभा करने जा रही है। जिसमे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी शामिलहोंगे। ठाकरे का कहना है कि जब तक राम मंदिर नहीं बनेगा तब तक सरकार भी नहीं बनेगी। उन्होंने हर हिंदू की यही पुकार पहले मंदिर फिर सरकार, का नारा भी दिया है।

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