पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले मे दोस्ती की एक बड़ी मिसाल देखने को मिली। एक मुस्लिम युवक ने अपने हिंदू दोस्त का अंतिम संस्कार कर उसके साथ मरने के बाद भी अपनी दोस्ती निभाई।

जानकारी के अनुसार, बर्दवान जिले के नर्स क्वार्टर में रहने वाले 30 साल के मिलन दास की मौत हो गई थी। अनाथ होने की वजह से उसका अंतिम संस्कार करने वाला कोई नही था। ऐसे मे मिलन दास के पड़ोसी परेशान हो रहे थे।

इसी बीच मिलन दास के सबसे करीबी दोस्त रबी शेख ने अपने दोस्त का अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। रबी ने पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार को संपन्न किया। यहाँ तक कि खुद के हाथों से ही उन्होने मुखाग्नि भी दी।

Courtesy: Lokbharat

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रबी की दोस्ती से मौजूद हिंदू पुरोहित भी बेहद प्रभावित हुआजिन्होंने मिलन का अंतिम संस्कार करवाया।  पुरोहित ने खुद को भाग्यशाली बताते हुए कहा की जो उन्हें ऐसी दोस्ती अपनी आंखों के सामने देखने का मौका मिला। पुजारी ने पत्रकारों से कहा,”मुझे आश्चर्य है कि मैं क्या फिर कभी इतना भाग्यशाली हो पाऊंगा। ये धार्मिक कट्टरताओं पर दोस्ती की जीत है।”

वहीं रबी ने मीडिया को बताया, ”हम बहुत अच्छे दोस्त थे। पिछले 10 सालों में शायद ही कोई ऐसा दिन आया जब हमारी मुलाकात नहीं हुई हो। उसका परिवार न होने के कारण उसका उचित अंतिम संस्कार होना कठिन था। लेकिन मैं ये कैसे होने देता? इसलिए मैंने पिछले 10 दिनों में अपने हिंदू दोस्त के लिए हिंदू कर्मकांड का हर वह कर्तव्य पूरा करने की कोशिश की है, जो मेरे दोस्त के परिवार वाले कर सकते थे।”

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