Monday, September 20, 2021

 

 

 

जेलों में बंद कैदियों में से 55 प्रतिशत विचाराधीन कैदी मुस्लिम, दलित और आदिवासी: NCRB

- Advertisement -
- Advertisement -

jail

देश की कुल आबादी का 39 प्रतिशत हिस्सा दलित, मुस्लिम और आदिवासीयों का हैं. ऐसे में इन समुदायों से ताल्लुक रखने वाले देश भर की जेलों में बंद विचाराधीन कैदियों में इनका प्रतिशत 55 से ऊपर हैं. इस बात का खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स की 2015 की रिपोर्ट में हुआ हैं.

2011 में हुई जनगणना के अनुसार, देश की आबादी में 14.2 प्रतिशत मुस्लिम, 16.6 प्रतिशत दलित और 8.6 प्रतिशत आदिवासी (एसटी) समुदाय से ताल्लुक रखने वाले लोगों का हिस्सा हैं. ऐसे में विचाराधीन कैदियों के रूप में ये आकड़ा परेशान करने वाला हैं. और सबसे बड़ी बात ये हैं कि इन विचारधीन कैदियों की संख्या की तुलना में दोषी पाए जाने वालों की संख्या बहुत कम हैं.

दोषी कैदियों में मुस्लिमों की संख्या 15.8 प्रतिशत है जबकि अंडरट्रायल आरोपियों की संख्या 20.9 प्रतिशत. वहीं एससी में दोषियों की संख्या 20.9 प्रतिशत है और अंडरट्रायल की संख्या 21.6 प्रतिशत. इसके अलावा एसटी में 12.4 प्रतिशत लोग दोषी करार हो चुके हैं जबकि अंडरट्रायल में उनका प्रतिशत 13.7 है.

इससे स्पष्ट हैं कि ज्यादातर मामलों में इन तीनों समुदाय से सबंध रखने वाले आरोपी अंत में आरोप मुक्त होते हैं. या दुसरे शब्दों में कहा जा सकता हैं इन्हें खासतौर पर निशाना बनाया जाता हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles