नई दिल्ली | तेलंगाना के निजामाबाद में एक सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ ABVP और आरएसएस कार्यकर्ताओ ने सिर्फ इसलिए नारेबाजी की क्योकि झंडा फहराते समय उन्होंने जूते पहने हुए थे. यही नही इन लोगो ने ने केवल उनके साथ बदसलूकी की बल्कि उनके साथ धक्कामुक्की भी की गई. मीडिया रिपोर्ट में बताया गया की कुछ लोगो ने प्रिंसिपल को स्कूल से बाहर खींच लिया और उनसे जबरदस्ती वन्देमातरम गाने के लिए कहा गया.

यह घटना स्वतंत्रता दिवस के मौके पर घटित हुई. पुलिस ने इस मामले में कार्यवाही करते हुए 10 लोगो को गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन यह मामला शांत होने का नाम नही ले रहा है. दरअसल जिस प्रिंसिपल के साथ ABVP और आरएसएस कार्यकर्ताओ ने बदसलूकी की, वो एक मुस्लिम है. उनका नाम मोहम्मद यकीन है. इसलिए न चाहते हुए भी इस घटना को मजहबी एंगल से भी देखा जा रहा है.

ऐसा इसलिए हो रहा है क्योकि हमारे संविधान में इस बात का कही भी जिक्र नही है की झंडारोहण के समय जूते निकालने चाहिए या नही. फिर किस नियम के तहत ABVP और आरएसएस कार्यकर्ता मोहम्मद यकीन को जूते निकालने के लिए कह रहे थे. मोहम्मद यकीन ही अकेले ऐसे व्यक्ति नही है जिन्होंने जूते पहनकर ध्वजारोहण किया हो. हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी जूते पहनकर ध्वजारोहाण कर चुके है.

इसलिए जूते कही पर भी मुद्दा नही थे. शायद ABVP और आरएसएस कार्यकर्ताओ को एक मुस्लिम द्वारा झंडारोहण करना रास नही आया. इसलिए उन्होंने जूते को मुद्दा बनाया. इस पूरी घटना से सम्बंधित एक विडियो आजकल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस विडियो में तेलंगना की घटना के साथ साथ मोदी, राजनाथ सिंह और अमित शाह को जूते पहनकर झंडारोहण करते हुए दिखाया गया है. यह विडियो भिन्डी बाजार नाम के फेसबुक पेज से पोस्ट की गयी है.

देखे विडियो 

 

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