झारखंड: मुस्लिम गर्भवती महिला के इलाज से किया मना, चप्पलों से पीटा, बच्चे की हुई मौत

झारखंड की एक मुस्लिम गर्भवती महिला ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि जमशेदपुर के एक अस्पताल ने मुस्लिम होने की वजह से भर्ती करने से मना कर दिया और अस्पताल के ऑन-ड्यूटी स्टाफ द्वारा उसका शारीरिक शोषण किया गया। इतना ही नहीं अस्पताल के कर्मचारियों ने उसके धर्म की वजह से गालियां दी और चप्पलों से उसकी पिटाई तक की उसके बाद फर्श से खून भी साफ कराया।

रिजवाना ने आरोप लगाया कि उसे फर्श से खून पोंछने के लिए कहा गया, उसने कहा कि वह ऐसा नहीं कर सकती क्योंकि वह दर्द में कांप रही थी। पीड़िता के अनुसार, अस्पताल की महिला कर्मचारियों ने उसे चप्पल से पीटा और उस पर कोरोनावायरस को फैलाने का दोषी ठहराया। रिजवाना ने कहा कि वह फिर एक निजी नर्सिंग होम में चली गई जहां उसने अपना बच्चा खो दिया।

https://twitter.com/HemantSorenJMM/status/1251966240240721921

मामले में राज्य के मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन ने कारवाई के आदेश दे दिये। सोरेन ने ट्वीट किया, “डीसी पूर्वी चंपारण, इस मामले पर ध्यान दें और जांच शुरू करें। दोषियों की पहचान करें और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। ” उन्होंने अपने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को भी टैग किया और गंभीर आरोपों पर ध्यान देने को कहा।

गुप्ता ने डीसी पूर्वी चंपारण को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। बता दें कि इससे पहले राजस्थान केन भरतपुर में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। जहां मुस्लिम होने की वजह से महिला को अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया था। जिसके बाद जयपुर जाते समय रास्ते में ही महिला का प्रसव हो गया और इलाज के अभाव में बच्चे ने दम तोड़ दिया।

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