Sunday, August 1, 2021

 

 

 

अयोध्या मामलें पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा – सुप्रीम कोर्ट ही फैसला करे तो बेहतर होगा

- Advertisement -
- Advertisement -

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजीआई) की और से अयोध्या मामलें में दोनों पक्षों को बताकर इस मामलें को सुलझाने की टिप्पणी करने के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने स्पष्ट तौर पर कहा कि बातचीत के जरिए हल निकालने का समय बीत चुका है.

बोर्ड के सदस्य खालिद रशीद फिरंगी महली ने फ़र्स्टपोस्ट से बातचीत में कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के इस सुझाव की कद्र करते हैं, लेकिन चाहते हैं कि इस बारे में फैसला अदालत ही सुनाए. उन्होंने कहा, पहले भी इस तरह के प्रयास किए जाते रहे हैं और कोर्ट से बाहर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के लोगों ने बैठकर इसका समाधान ढ़ूंढ़ने की कोशिश की है. लेकिन इसका कोई हल निकल नहीं पाया.

फिरंगी महली का कहना है कि ‘हिंदुस्तान का मुसलमान कभी भी राम मंदिर के खिलाफ नहीं रहा है और न ही अभी है. इस मुद्दे को तो सियासी दलों ने संवेदनशील बना दिया है. पहले भी राम मंदिर मुद्दे के समाधान को लेकर कोशिशें हुई हैं लेकिन सियासी दलों की दखलंदाजी ने तमाम कोशिशों को खत्म कर दिया.’

फिरंगी महली का कहना हैं कि पहले भी हाईकोर्ट का फैसला आ चुका है, लेकिन किसी पक्ष ने हाई कोर्ट के फैसले को नहीं माना था और उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे. हालाकि, फिरंगी महली ने कहा कि इस मसले पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड बैठकर विचार करेगा. फिर आगे की रणनीति तय होगी कि कोर्ट के सुझाव पर क्या करना है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles