Thursday, August 5, 2021

 

 

 

बाबरी मस्जिद के लिए अयोध्या से दूर जमीन पर मुस्लिम पक्षकार ने जताई नाराजगी

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लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राम मंदिर ट्रस्ट के गठन का ऐलान करने के साथ ही योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या से 25 किलोमीटर दूर जमीन दिये जाने पर मुस्लिम पक्ष ने नाखुशी जताई है।

मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि जमीन अयोध्या से बहुत दूर है और कोई मुसलमान वहां नमाद पढ़ने नहीं जाएगा। ये जमीन अयोध्या में होनी चाहिए जिससे हमें सुविधा हो। वहीं पक्षकार मौलाना महफूजुर्रहमान के नोमिनी खालिक अहमद खान ने कहा कि राज्य सरकार को हमें अयोध्या में जमीन देनी चाहिए थी। इतनी दूर जमीन दिए जाने का कोई मतलब नहीं है। बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक अफाक अहमद खान ने कहा कि केंद्र को इसपर दोबारा विचार करना चाहिए।

वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एवं संयोजक बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के सचिव एडवोकेट जफरयाब जिलानी ने कहा कि किसी भी मस्जिद की जमीन के बदले में जमीन न दी जा सकती है ना ली जा सकती है यह इस्लामी शरीयत और कानून दोनों के ही खिलाफ है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पहले से ही जमीन लेने के पक्ष में नहीं है। हालांकि जमीन सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को दी गई है इसे तय करना है कि जमीन लेनी है या नहीं यह फैसला 1993 के एक्ट के खिलाफ है साथ ही 1994 में दिए गए कोर्ट के फैसले के खिलाफ भी है।

ऐशबाग ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माड के लिए केंद सरकार को निर्देश दिया था। सरकार ने 3 महीने के अंदर मंदिर निर्माड के लिए ट्रस्ट को कैबिनेट की मंजूरी देकर वर्षो से चले आ रहे एक मुद्दे का अंत कर दिया है। मंदिर – मस्जिद विवाद में अभी तक बहुत सियासत हो चुकी है, पीएम के एलान के बाद इस मुद्दे पर अब किसी को सियासत का मौका नही मिलेगा।

गौरतलब है कि अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को संसद में पीएम मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करने वाले ट्रस्ट का ऐलान कर दिया। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद लोकसभा में पीएम मोदी ने बताया कि राम मंदिर का निर्माण करने वाले ट्रस्ट का नाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र होगा। यह पूरी तरह से मंदिर निर्माण कार्य के लिए स्वतंत्र होगा। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के लिए पांच एकड़ जमीन को भी राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है।

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