Symbolic

गत सप्ताह लोकसभा में पारित होने के बाद अब मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक (ट्रिपल तलाक) को राज्यसभा में पेश किया जाएगा. इस बिल को मंगलवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा.

विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस की और से इस बिल को समर्थन दिए जाने के बाद उम्मीद है कि ये बिल राज्यसभा में भी आसानी से पास हो जाएगा. ऐसे में अब मुस्लिम संगठनों ने इस बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है.

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता पी के कुंजलीकुट्टी ने कहा कि विधेयक को यदि राज्यसभा में भी पारित कर दिया गया तो देश की विभिन्न मुस्लिम संस्थाएं उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगी.

उन्होंने कहा, गत सप्ताह लोकसभा द्वारा पारित विधेयक में कई खामियां और विरोधाभास हैं. हम इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे. यदि राज्यसभा ने भी विधेयक को पारित कर दिया तो हम उच्चतम न्यायालय जाएंगे. आईयूएमएल इसमें पक्षकार बनेगी.

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि किसी परिवार की समस्या को अपराध बनाना पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है.

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