औरंगाबाद – मुस्लिम समाज में जैसे जैसे जागरूकता बढती जा रही है वैसे वैसे आरक्षण की महत्तवता समझ में आ रही है, औरंगाबाद में मुस्लिम समाज के लगभग 3 लाख से अधिक लोगो ने सड़कों पर निकलकर मौन जुलूस निकाला. इस जुलूस की सबसे ख़ास बात यह थी की इसमें गरीब तबके से लेकर खास तबके के लोग भी शामिल थे. वहीँ दूसरी तरफ युवाओं ने हाथों में तिरंगा ले रखा था.

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कह रहे है सरकार को, हक़ दे दे हकदार को.. जैसे नारों के साथ चल रहे लोगो ने हाथों में तख्तियां ले रखी थी जिस पर “भारत देश हमारा है, एक ही मिशन मुस्लिम आरक्षण” नजीब कहाँ है आदि मांगों को दर्शाया गया था। इस विशेष मौके के लिए स्थानीय शायर शमीम खान ने गीत लिखा था जो लोगों को आकर्षित कर रहा था।गीत के बोल थे कि बढे चलो चलो।.

मौन जुलूस शहर के अलग अलग रास्तों से होते हुए संभागीय आयुक्त कार्यालय पर समाप्त हुआ। संभागीय आयुक्त डॉ. पुरुषोत्तम को जुलूस के जिम्मेदारों ने अपनी मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा जिसमें 15% आरक्षण के साथ अन्य मांगों का उल्लेख था। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि प्रदेश में मुसलमान आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े हैं, ऐसे में उनको आरक्षण दिया जाए। राज्य सरकार मुसलमानों के लिए आरक्षण प्रदान करने में विफल रही है।

जुलूस में शहर के सामाजिक संघटनों के पदाधिकारियों के साथ ही नामी हस्तियों, नेताओं एवम युवाओं और बुजुर्गों ने शिरकत की। आमखास मैदान में एक मंच बनाया गया था जहाँ वक्ताओं ने मौजूद लोगो को संबोधित किया। हालांकि कोई भी बड़ा वक्ता मंच पर नहीं बैठा। मंच का सञ्चालन अबूबकर रहबर ने किया।

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