Saturday, November 27, 2021

गौ रक्षा के लिए जान देने वाले मुसलमान भी है: मोहन भागवत

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नागपुर मुख्यालय में विजयदशमी का कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि गौरक्षा धर्म से नहीं जुडी है. कई मुस्लिमों ने गौरक्षा के लिए अपनी जान तक दी है.

उन्होंने कहा कि गाय की रक्षा धर्म का मामला नहीं है. मैं कई ऐसे मुस्लिमों को जानता हूं जो गौरक्षा के काम में लगे हैं. गायों की रक्षा करते हुए कई मुस्लिमों ने भी अपनी जान गंवाई है. उन्होंने कहा, “यह दुखद है कि गौरक्षा के नाम पर लोगों की हत्या की गई. किसी भी रूप में हिंसा निंदनीय है. उन्होंने कहा, हमें गौरक्षा के मुद्दे को धर्म से ऊपर उठकर देखना चाहिए.

इस दौरान भागवत ने रोहिंग्या मुस्लिमों के भारत में शरण को लेकर कहा कि केरल और बंगाल के हालात आपको पता हैं. वहां जिहादी ताकतें सक्रिय हैं.हम अब तक बांग्लादेश के शरणार्थियों की समस्या से जूझ रहे हैं. रोहिंग्या शरणार्थियों को अगर आश्रय दिया तो रोजगार पर भार और सुरक्षा पर संकट होगा. मानवता की बात ठीक है पर उसके लिए कोई अपने मानवों को समाप्त करे ये ठीक नहीं. वह वहां से यहां क्यों आए हैं. वहां क्यों नहीं रह सकते.

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि उनकी अलगाववादी, हिंसक और आपराधिक गतिविधियां उनको वहां से बहार निकाले जाने का कारण है. उनके जिहादी ताकतों से संबंध वहां पर उजागर हो गए. इसलिए उस देश के शासन का रवैया भी उनके प्रति कड़ा ही है.

आप को बता दें कि साल 1925 में केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयादशमी के दिन ही आरएसएस की स्थापना की थी. इस दौरान हर साल आरएसएस शस्त्र पूजा का आयोजन करता है.

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