मुंबई. अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने सुप्रीम कोर्ट की डेडलाइन से पहले ही स्वीडिश कंपनी एरिक्सन को बकाया 459 करोड़ रुपए चुका दिए हैं। इसमें ब्याज की रकम भी शामिल है। आरकॉम 118 करोड़ रुपए पहले ही जमा कर चुकी थी।

बताया जा रहा है कि बकाया भुगतान करने में अनिल अंबानी की मदद उनके बड़े भाई मुकेश अंबानी ने की है। अनिल अंबानी ने सही समय पर मदद करने के लिए बड़े भाई मुकेश और भाभी नीता अंबानी का धन्यवाद दिया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक अनिल अंबानी को मंगलवार तक एरिक्सन का बकाया चुकाना था, अन्यथा उन्हें न्यायालय की मानहानि के मामले में जेल जाना पड़ता।

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आरकॉम के प्रवक्ता ने अनिल के हवाले से एक बयान में कहा, ‘‘मैं अपने बड़े भाई मुकेश और भाभी नीता के इस मुश्किल वक्त में मेरे साथ खड़े रहने और मदद करने का शुक्रिया करता हूं। समय पर यह मदद करके उन्होंने परिवार के मजबूत मूल्यों और परिवार के महत्व को रेखांकित किया है। मैं और मेरा परिवार बहुत आभारी है कि हम पुरानी बातों को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ चुके हैं और उनके इस व्यवहार ने मुझे अंदर तक प्रभावित किया है।’’

क्या था एरिक्सन-आरकॉम विवाद ?

एरिक्सन ने साल 2014 में आरकॉम का टेलीकॉम नेटवर्क संभालने के लिए 7 साल की डील की थी। उसका आरोप था कि आरकॉम ने 1,500 करोड़ रुपए की बकाया रकम नहीं चुकाई। पिछले साल दिवालिया अदालत में सेटलमेंट प्रक्रिया के तहत एरिक्सन इस बात के लिए राजी हुई कि आरकॉम सिर्फ 550 करोड़ रुपए का भुगतान कर दे।

पिछले महीने इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इसे ‘जानबूझ कर भुगतान नहीं करने’ का मामला बताया और अंबानी को ‘अदालत की अवमानना’ का दोषी पाया। साथ ही कंपनी को आदेश दिया कि वह या तो चार हफ्ते के भीतर एरिक्सन के बकाये का भुगतान करे या अंबानी तीन माह जेल का कारावास भुगते।

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